रायपुर/कोरबा (पब्लिक फोरम)। देश के प्रमुख उद्योगपति और अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी इस बार गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा के दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा महज एक सामान्य निरीक्षण नहीं, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास और ऊर्जा उत्पादन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। श्री अडानी कोरबा-चांपा मार्ग पर स्थित पताड़ी में अपने पावर प्लांट का जायजा लेंगे, जिसे हाल ही में अडानी समूह ने अधिग्रहित किया था।
क्या है कार्यक्रम की रूपरेखा?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गौतम अडानी का यह दौरा काफी संक्षिप्त लेकिन व्यस्त रहने वाला है। हालांकि, अडानी प्रबंधन या स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक इस वीवीआईपी दौरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पुख्ता सूत्रों का दावा है कि श्री अडानी 25 जनवरी की देर शाम राजधानी रायपुर पहुंच जाएंगे।
इसके बाद, 26 जनवरी की सुबह वे हेलिकॉप्टर के माध्यम से सीधे पताड़ी स्थित पावर प्लांट परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। इस दौरान उनके साथ अडानी पावर और समूह के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि गौतम अडानी खुद उस प्रोजेक्ट को देखने आ रहे हैं, जिसे उनकी कंपनी ने पिछले साल दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency Process) के तहत खरीदा था। यह प्लांट पहले मुश्किलों में था, लेकिन अब अडानी समूह इसे नई रफ़्तार देने की तैयारी में है।
इस निरीक्षण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:-
🔹फेज-2 की शुरुआत: प्लांट के दूसरे चरण में 660 मेगावाट की दो इकाइयों (Units) का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। कंपनी की योजना इसे इसी वित्तीय वर्ष में शुरू करने की है। गौतम अडानी खुद इसकी प्रगति देखेंगे।
🔹फेज-3 का विस्तार: भविष्य की जरूरतों को देखते हुए तीसरे चरण की विस्तार योजना पर भी चर्चा होगी।
🔹समीक्षा बैठक: प्लांट का मुआयना करने के बाद, श्री अडानी शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे, जिसमें उत्पादन क्षमता बढ़ाने और परिचालन को सुचारू बनाने पर रणनीति तय की जाएगी।
मौजूदा स्थिति और भविष्य की उम्मीदें
वर्तमान में इस पावर प्लांट के पहले चरण में 300 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां सफलतापूर्वक बिजली उत्पादन कर रही हैं। गौतम अडानी के इस दौरे को लेकर स्थानीय लोगों और उद्योग जगत में भी उत्साह है।
जब देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक किसी क्षेत्र का दौरा करते हैं, तो यह सिर्फ मशीनों का निरीक्षण नहीं होता। यह उस क्षेत्र के लिए रोजगार, निवेश और विकास की नई संभावनाओं का संकेत होता है। कोरबा, जो अपनी खदानों और बिजली संयंत्रों के लिए जाना जाता है, इस दौरे को एक नई उम्मीद की तरह देख रहा है। यदि विस्तार योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो इससे न केवल छत्तीसगढ़ को अधिक बिजली मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गौतम अडानी का यह दौरा यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ का ऊर्जा क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर कितनी अहमियत रखता है। 26 जनवरी को जब पूरा देश गणतंत्र का उत्सव मना रहा होगा, तब कोरबा के इस प्लांट में लिए जाने वाले फैसले आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने का काम कर सकते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस निरीक्षण के बाद अडानी समूह विस्तार को लेकर क्या बड़ी घोषणा करता है।





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