गुरूवार, जनवरी 22, 2026
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दिशा बैठक में सांसद ज्योत्सना महंत सख्त: शिक्षा-स्वास्थ्य-जल जीवन मिशन को सर्वोच्च प्राथमिकता, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश

कोरबा (पब्लिक फोरम)। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में जिले के समग्र विकास से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए सांसद ने शिक्षा, स्वास्थ्य और जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचे।

बैठक में सांसद श्रीमती महंत ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जन-सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील स्थलों पर सोलर हाई-मास्ट लाइट लगाने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों व दवाइयों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में पोस्टमार्टम केंद्र, मर्च्युरी और एंबुलेंस की पहुंच बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि आपात स्थितियों में ग्रामीणों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सांसद ने ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों के स्कूलों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की तैनाती, किचन शेड और स्टोर रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को नियमित भुगतान, तथा हर घर नल से जल उपलब्ध कराने के लक्ष्य के तहत जल जीवन मिशन के लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया।

पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए सांसद ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बेहतर सड़क व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जरूरतमंदों को समय पर लाभ दिलाने के लिए विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया। मनरेगा की समीक्षा में उन्होंने कार्यों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समय पर पूरा करने और मजदूरी का भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला स्व-सहायता समूहों के कौशल उन्नयन और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया गया। साथ ही पीडीएस दुकानों से समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, ई-श्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, एकीकृत बाल विकास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, भू-अभिलेख आधुनिकीकरण, दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, स्कूल शिक्षा, जिला व्यापार एवं उद्योग, सांख्यिकी विभाग, नगर निगम, डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्य, डिजिटल इंडिया और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित अनेक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हो और आमजन को प्राथमिकता से लाभ मिले।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने विकास कार्यों में विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता को आवश्यक बताते हुए आपसी समन्वय से स्वीकृत कार्यों को समयसीमा में पूरा करने की बात कही।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन का आश्वासन देते हुए बताया कि डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। जर्जर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन निर्माण की स्वीकृति, अतिरिक्त कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पेयजल टंकियों की व्यवस्था की जाएगी। शैक्षणिक संस्थानों में सुबह पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है। 200 मेधावी विद्यार्थियों के लिए रायपुर में नीट और जेईई की निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल सामग्री और सुविधाएं दी जा रही हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पताल में निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं, विशेषज्ञ चिकित्सक और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। टीबी, बीपी और शुगर के मरीजों की गांव-स्तर पर स्क्रीनिंग कर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा। बीसी सखी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। कौशल विकास के तहत युवाओं को उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण दिया जाएगा और आगामी समय में इंडोर स्टेडियम में आवासीय स्पोर्ट्स एकेडमी विकसित कर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, विभिन्न जनपदों व नगरीय निकायों के अध्यक्ष, विधायक प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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