कोरबा (पब्लिक फोरम)। सिरकीखुर्द (गांधीनगर), ग्रामीणों, भूविस्थापितों और किसानों की वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर रविवार को सिरकीखुर्द गांधीनगर चौक पर जोरदार जनआंदोलन देखने को मिला। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेतृत्व में आयोजित इस चक्काजाम और धरना प्रदर्शन को ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति का पूर्ण समर्थन प्राप्त रहा। आंदोलन के दौरान क्षेत्र में जनआक्रोश स्पष्ट रूप से झलकता रहा और प्रशासन तथा संबंधित प्रबंधन के प्रति कड़ी नाराज़गी व्यक्त की गई।
धरना-प्रदर्शन में ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के केंद्रीय अध्यक्ष सपुरन कुलदीप, सक्रिय सदस्य बसंत कुमार कंवर, अनुसुईया राठौर और ललित महिलांगे विशेष रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भूविस्थापन, मुआवजा, पुनर्वास और आजीविका से जुड़ी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

नेताओं ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में टाला नहीं जा सकता। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि विशेषकर एसईसीएल (SECL) प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और समस्याओं का शीघ्र, ठोस तथा पारदर्शी समाधान करना होगा।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में आंदोलन और अधिक व्यापक व उग्र रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और प्रबंधन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा—जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।
धरना स्थल पर ग्रामीणों की एकजुटता और दृढ़ संकल्प यह संकेत दे रहा था कि यह आंदोलन केवल एक दिन की आवाज नहीं, बल्कि अपने हक और सम्मान के लिए लंबी लड़ाई का प्रतीक है।





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