कोरबा (पब्लिक फोरम)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद कोरबा ने छत्तीसगढ़ और बिहार के बीच रेल सुविधाओं की गंभीर कमी को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। पार्टी के जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने इस संबंध में राष्ट्रपति महोदया, लोकसभा सभापति नई दिल्ली को पत्र लिखकर जिलाधीश कोरबा के माध्यम से अपनी मांगें प्रेषित की हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि बिहार से प्रतिदिन हजारों श्रमिक और कामगार रोजगार की तलाश में छत्तीसगढ़ और ओडिशा तक आना-जाना करते हैं। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ से पटना के लिए सीमित रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। वर्तमान में 13287 साउथ बिहार एक्सप्रेस एकमात्र दैनिक ट्रेन है, जबकि एक अन्य सेवा साप्ताहिक है। भागलपुर तक सीधी रेल सेवा का अभाव यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है।
सीपीआई ने अपने पत्र में सुझाव दिया है कि गोंडा–टाटा (18186), गोंडा–रांची (18604) अथवा भागलपुर–रांची (13404) जैसी ट्रेनों में से एक या दो को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर अथवा दुर्ग तक विस्तारित किया जाए। इसके अतिरिक्त, बिलासपुर–बक्सर (22843) ट्रेन को सप्ताह में कम से कम एक दिन भागलपुर तक चलाने का निर्णय लेने की भी मांग की गई है।

पार्टी ने यह भी रेखांकित किया है कि 13287 साउथ बिहार एक्सप्रेस में प्रतिदिन सैकड़ों यात्री वेटिंग टिकट पर यात्रा करने को मजबूर हैं। कई बार यात्रियों को फर्श पर या शौचालय के पास बैठकर सफर करना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक बल्कि अमानवीय स्थिति को दर्शाता है। ऐसे में इस ट्रेन में बोगियों की संख्या तत्काल बढ़ाए जाने की आवश्यकता बताई गई है।
सीपीआई ने आग्रह किया है कि छठ, दिवाली, होली, दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख पर्वों तथा वैवाहिक कार्यक्रमों के दौरान आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए रेलवे को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय रेल मंत्री, बिहार सरकार के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री, सीपीआई के राष्ट्रीय महासचिव, राज्यसभा सांसद पी. संतोष कुमार (छत्तीसगढ़ राज्य प्रभारी) तथा सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य सचिव को भी भेजी गई है।
सीपीआई जिला परिषद कोरबा ने उम्मीद जताई है कि संबंधित प्राधिकारी इस जनहित के मुद्दे पर शीघ्र संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाएंगे, ताकि श्रमिकों, यात्रियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुगम रेल यात्रा का अधिकार मिल सके।





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