कोरबा (पब्लिक फोरम)। एसईसीएल दीपका परियोजना के विस्तार में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हरदी बाजार और सरईश्रृंगार क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के सख्त निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कोल धारक अधिनियम (CBA Act) की धारा 9 के प्रकाशन के बाद किए गए निर्माणों के लिए किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली रोहित कुमार सिंह के नेतृत्व में तहसीलदार हरदी बाजार अभिजीत राजभानु, राजस्व अमला, पुलिस बल और एसईसीएल अधिकारियों की संयुक्त टीम ने दोनों गांवों में व्यापक अभियान चलाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि कई स्थानों पर युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य जारी थे, जिन पर तुरंत रोक लगाने के आदेश दिए गए।

हरदी बाजार में 55 निर्माणाधीन मकानों पर नोटिस चस्पा कर निर्माण कार्य रुकवाया गया। वहीं, सरईश्रृंगार में 29 अवैध ढांचों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन ने दोनों इलाकों की घेराबंदी करते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य जारी पाया गया तो निर्माण सामग्री जब्त कर ली जाएगी।
जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि धारा 9 के प्रकाशन के बाद किए गए निर्माण पूर्णतः अवैध माने जाएंगे और उनका मूल्यांकन शून्य होगा। भविष्य में ऐसे ढांचों के बदले न तो कोई हर्जाना दिया जाएगा और न ही नौकरी प्रदान की जाएगी। सरईश्रृंगार में ग्रामीणों ने प्रशासन की समझाइश के बाद सहयोगात्मक रुख अपनाते हुए स्वयं अपने ढांचों पर नोटिस चस्पा किए।
राजस्व विभाग ने पुनः स्पष्ट किया है कि अधिग्रहित भूमि पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण दंडनीय अपराध है। ऐसे अवैध निर्माणों पर किसी भी परिस्थिति में मुआवजा नहीं दिया जाएगा। यह कार्रवाई परियोजना विस्तार में आ रही बाधाओं को दूर करने की दिशा में प्रशासन का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





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