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गुरूवार, जनवरी 22, 2026
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रायगढ़ के लिबरा में जन सुनवाई विरोध आंदोलन हिंसक: पुलिस पर पथराव, वाहनों में आगजनी

रायगढ़ (पब्लिक फोरम)। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम लिबरा में शुक्रवार को जनसुनवाई के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। सीएचपी चौक पर उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें एसडीओपी, थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि भीड़ ने सरकारी वाहनों, एंबुलेंस और कोल हैंडलिंग प्लांट में भी आगजनी और तोड़फोड़ की।

पुलिस के द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध में सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे हुए थे। 27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे धरना स्थल पर लगभग 300 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ लोगों ने सड़क पर बैठकर सामान्य आवागमन को बाधित करना शुरू कर दिया। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी और लोगों को शांतिपूर्वक धरना स्थल पर लगाए गए टेंट में वापस भेजा।

हालांकि दिन चढ़ने के साथ-साथ स्थिति बिगड़ती चली गई। समय-समय पर भीड़ उग्र होती रही और बार-बार सड़क जाम करने का प्रयास किया गया। एसडीएम घरघोड़ा और पुलिस अधिकारियों द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार शांति बनाए रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की जाती रही, लेकिन आसपास के गांवों से लोगों के जुटने का सिलसिला जारी रहा और भीड़ की संख्या बढ़कर लगभग एक हजार तक पहुंच गई।

दोपहर करीब ढाई बजे हालात अचानक बेकाबू हो गए। भीड़ ने बैरियर तोड़ते हुए पुलिस बल पर पत्थरबाजी और डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम और एक आरक्षक को गंभीर चोटें आईं, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक भी घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उग्र भीड़ यहीं नहीं रुकी। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर खड़ी पुलिस बस, जीप और एंबुलेंस में आग लगा दी तथा कई अन्य शासकीय वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) की ओर बढ़ी, जहां जबरन घुसकर कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। कार्यालय परिसर में भी तोड़फोड़ की गई।

स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचने के बावजूद भीड़ और अधिक उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद उपद्रवी फिर से सीएचपी प्लांट की ओर लौटे और अंदर आगजनी की एक और घटना को अंजाम दिया।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हिंसा और आगजनी में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“यह घटना कोयला खनन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय ग्रामीणों की बढ़ती नाराजगी को दर्शाती है। प्रभावित गांवों के निवासी विस्थापन, पर्यावरणीय क्षति, मुआवजे और फर्जी तरीके से हुई जनसुनवाई को लेकर बेहद असंतुष्ट हैं।”

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