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विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन


उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

स्थान जिला अपर सत्र न्यायालय परिसर घरघोड़ा
दिनांक 24.12.2025

रायगढ़-घरघोड़ा (पब्लिक फोरम) ।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ अध्यक्ष/प्रधान जिला न्यायाधीश जितेंद्र जैन एवं तालुका विधिक सेवा समिति घरघोड़ा अध्यक्ष/विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी तथा जिला अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा  के मार्गदर्शन में थाना पूंजीपथरा पीएलव्ही बालकृष्ण एवं थाना घरघोड़ा पीएलव्ही लवकुमार द्वारा विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर आम नागरिकों को उनके उपभोक्ता अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण की जानकारी देने के उद्देश्य से एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा उपलब्ध कानूनी सहायता योजनाओं से अवगत कराना रहा।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पीएलव्ही द्वारा बताया गया कि आज के समय में उपभोक्ताओं को ठगी, मिलावट, घटिया वस्तुएँ, भ्रामक विज्ञापन एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। शिविर में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकार मित्रों ने बताया कि इस कानून के अंतर्गत उपभोक्ताओं को निम्नलिखित अधिकार प्राप्त हैं—

सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण वस्तु प्राप्त करने का अधिकार
सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार
अपनी शिकायत दर्ज कराने एवं न्याय पाने का अधिकार
अनुचित व्यापार व्यवहार से संरक्षण का अधिकार

साथ ही यह भी बताया गया कि उपभोक्ता अपनी शिकायतें जिला उपभोक्ता आयोग, राज्य उपभोक्ता आयोग अथवा राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में दर्ज करा सकते हैं।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि नालसा का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना है।
🔹निःशुल्क विधिक सहायता योजना – गरीब, महिलाएँ, बच्चे, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक आदि को मुफ्त कानूनी सहायता।
🔹लोक अदालत अभियान – आपसी समझौते से त्वरित एवं सस्ता न्याय।
🔹महिला एवं बाल संरक्षण योजनाएँ – घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, बाल अधिकारों से संबंधित सहायता।
लोगों को पर्चे बांट कर उन्हें मौलिक अधिकारों, उपभोक्ता अधिकारों, महिला एवं बाल अधिकारों, साइबर अपराध तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित कानूनों की जानकारी दी गई।

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