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शनिवार, जनवरी 24, 2026
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कोरबा: पार्सल में शराब बेचने पर वन नाइट क्लब पर ₹25 हजार का जुर्माना, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

कोरबा (पब्लिक फोरम)| शहर में संचालित वन नाइट क्लब, टी.पी.नगर कोरबा पर नियमों का उल्लंघन करते हुए शराब पार्सल में बेचने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। औचक निरीक्षण में दोषी पाए जाने पर कलेक्टर अजीत वसंत ने क्लब पर ₹25 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया है।

आबकारी उपनिरीक्षक, वृत्त-कोरबा शहर ने क्लब का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बार में उपस्थित प्रबंधक द्वारा बडवाइजर मेग्नम बियर (650 मि.ली.) की 2 बोतल पार्सल के रूप में बेचते हुए पकड़ा गया। यह कार्य एफ.एल.-3(क) शॉपिंग मॉल रेस्टोरेंट बार अनुज्ञप्ति की शर्त क्रमांक-03 का स्पष्ट उल्लंघन था। इस पर विभाग ने मामला दर्ज कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके बाद यह दंड लगाया गया।

कलेक्टर अजीत वसंत ने आबकारी विभाग को निर्देश दिया है कि अवैध शराब और लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। सहायक आयुक्त आबकारी, श्रीमती आशा सिंह ने जिलेभर में लगातार कार्रवाई करने और अवैध शराब की रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित की है।

अब तक की कार्रवाई: शराब और गांजा की बड़ी जब्ती

अगस्त 2025 में 17 अगस्त तक:

86 आपराधिक प्रकरण दर्ज

180.55 लीटर अवैध शराब जप्त

100 किलो शराब बनाने का लाहन नष्ट

11 आरोपी धारा 34(2) के तहत जेल भेजे गए

अप्रैल से 17 अगस्त 2025 तक (वित्तीय वर्ष 2025-26):

714 आपराधिक प्रकरण दर्ज

3230.94 लीटर अवैध शराब जप्त

12,890 किलो लाहन नष्ट

111 आरोपी जेल भेजे गए

जप्त शराब का बाजार मूल्य लगभग ₹13 लाख आंका गया

इसके अलावा 4.200 किलो गांजा (मूल्य ₹57 हजार) जप्त कर 2 आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया।

छत्तीसगढ़ में 5 लीटर से अधिक मात्रा में शराब का धारण, निर्माण, बिक्री या परिवहन दंडनीय और अजमानतीय अपराध है।

दोषी पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है।

इस अपराध के लिए 1 से 3 वर्ष तक का कारावास और ₹25 हजार से ₹1 लाख तक का जुर्माना निर्धारित है।

यदि आरोपी दूसरी बार दोषी पाया जाता है, तो सजा 2 से 5 वर्ष कारावास और ₹50 हजार से ₹2 लाख तक जुर्माना हो सकता है।

वन नाइट क्लब पर लगाया गया जुर्माना केवल एक दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सख्त संदेश है कि शराब कानूनों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार और जिला प्रशासन यह स्पष्ट कर चुका है कि अवैध शराब कारोबार न केवल कानून तोड़ता है, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य को भी नुकसान पहुंचाता है।

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