कोरबा (पब्लिक फोरम)। कोरबा जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार, 13 जुलाई को जिला कांग्रेस कार्यालय, टी.पी. नगर में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के साथ अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन की रणनीति भी तय की जाएगी। बैठक के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल रैली निकालकर टी.पी. नगर चौक पर प्रदर्शन करेंगे।
जिला कांग्रेस कार्यालय में होगी संगठनात्मक बैठक
जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने बताया कि सोमवार, 13 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय, टी.पी. नगर, कोरबा में कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई है। इसमें जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक, मंडल, वार्ड तथा बूथ समितियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
बैठक में संगठन की आगामी गतिविधियों और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
विभिन्न प्रकोष्ठों और सहयोगी संगठनों को आमंत्रण
बैठक में महिला कांग्रेस, सेवादल, इंटक, युवा कांग्रेस, कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ, कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, पार्षद, पूर्व पार्षद तथा कांग्रेस के अन्य सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
जिला कांग्रेस के अनुसार, बैठक में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी उपस्थित रहेंगे।
बैठक के बाद पैदल रैली और विरोध प्रदर्शन
जिला कांग्रेस ने बताया कि बैठक समाप्त होने के बाद कार्यकर्ता पैदल रैली के रूप में टी.पी. नगर चौक पहुंचेंगे। वहां अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
राजनीतिक और संगठनात्मक महत्व
यह बैठक एक ओर संगठनात्मक समन्वय को मजबूत करने का प्रयास मानी जा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे एक राजनीतिक मुद्दे के रूप में भी उठाने की तैयारी कर रही है। बैठक में बड़ी संख्या में संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों की भागीदारी से आगामी राजनीतिक गतिविधियों की दिशा भी स्पष्ट हो सकती है।
कोरबा में आयोजित यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से कांग्रेस एक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे मुद्दे पर अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया भी दर्ज कराने जा रही है। अब यह देखना होगा कि इस विरोध प्रदर्शन पर संबंधित पक्षों की क्या प्रतिक्रिया आती है और आगे यह मुद्दा स्थानीय तथा राज्य की राजनीति में किस प्रकार प्रभाव डालता है।





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