रायगढ़(पब्लिक फोरम) । राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आगामी गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य के प्रत्येक ग्राम में उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायपुर द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उल्लास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है। वर्ष 2023 से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी अभियान के अंतर्गत अब तक लगभग 10 लाख नवसाक्षर साक्षर हो चुके हैं, जिन्हें एनआईओएस के माध्यम से प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित उल्लास मेले में बुनियादी साक्षरता, संख्या ज्ञान, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य साक्षरता एवं जीवन कौशल से जुड़े विविध स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों का निर्माण एवं संचालन नवसाक्षर, स्वयंसेवक एवं शिक्षार्थी स्वयं करेंगे, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। निर्देशानुसार मेला ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ उल्लास शपथ के साथ होगा। आवश्यकतानुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं फूड स्टॉल भी लगाए जा सकेंगे। ग्राम प्रभारी द्वारा स्टॉल संचालन की सभी तैयारियाँ पूर्व में सुनिश्चित की जाएंगी। यह उल्लास मेला केवल 26 जनवरी तक सीमित न रहकर आगामी राष्ट्रीय पर्वों, त्यौहारों एवं महत्वपूर्ण दिवसों पर भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, टीवी, रेडियो एवं अन्य माध्यमों से किया जाएगा। आयोजन से संबंधित समस्त जानकारी 29 जनवरी तक निर्धारित गूगल फॉर्म में संकलित कर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण कार्यालय को प्रेषित की जाएगी, जिससे असाक्षरों को साक्षर बनाने हेतु प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।
उल्लास मेला का आयोजन 26 जनवरी कोनव भारत साक्षरता कार्यक्रम से लाखों वयस्कों को मिल रहा नया आत्मविष्वास
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