होम रायपुर पुलिस द्वारा धर्म विशेष के लोगों पर अवांछित टिप्पणी व असंवैधानिक कार्रवाई बंद हो-संगठन

पुलिस द्वारा धर्म विशेष के लोगों पर अवांछित टिप्पणी व असंवैधानिक कार्रवाई बंद हो-संगठन

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पुलिस द्वारा धर्म विशेष के लोगों पर अवांछित टिप्पणी व असंवैधानिक कार्रवाई बंद हो-संगठन

रायपुर//पब्लिक फोरम// पुलिस अधीक्षक सुकमा के द्वारा अपने मातहत पुलिस अधिकारियों को जारी किए गए सर्कुलर के माध्यम से ईसाई मिशनरियों और उससे जुड़े आम ईसाइयों को खुले रुप में इंगित करते हुए उन्हें आदिवासियों के धर्म परिवर्तन करवाने के आरोप का छत्तीसगढ़ के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस संवेदनशील मुद्दे पर तत्काल उचित कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।

ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम, छत्तीसगढ़ के संयोजक बृजेंद्र तिवारी, छत्तीसगढ़ लोक स्वतंत्रय संगठन (पीयूसीएल) के अध्यक्ष एडवोकेट डिग्री प्रसाद चौहान, प्रोग्रेसिव माइनॉरिटी फोरम, छत्तीसगढ़ के संयोजक एड. सैयद सादिक अली, छत्तीसगढ़ नागरिक संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक अखिलेश ऐडगर, एसटी, एससी, ओबीसी एंड माइनॉरिटी संयुक्त मोर्चा, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अजय कुमार चौहान, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समिति, छत्तीसगढ़ इकाई के महासचिव सोमनल बघेल, दलित शोषण मुक्ति मंच, रायपुर इकाई के संयोजक रतन गोंडाने तथा प्रोग्रेसिव क्रिस्चियन अलायंस छत्तीसगढ़ के संयोजक एड. सोन सिंह झाली ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में संयुक्त रूप से कहा है कि प्रदेश के जन, नागरिक तथा सामाजिक संगठन आपके संज्ञान में सुकमा पुलिस अधीक्षक के द्वारा अपने अंतर्गत आने वाले पुलिस अधिकारियों को दिनांक 12.07.2021 को जारी किये गये एक सर्कुलर को लाना चाहते हैं, जिसमें ईसाई मिशनरियों और उससे जुड़े आम ईसाईयों को खुले रूप में इंगित करते हुए उन्हें आदिवासियों के धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगाया है।

इस तरह से सर्कुलर जारी कर अपने मातहतों को निर्देशित करने की कोशिश करना पूर्णतः असंवैधानिक है तथा ईसाई समुदाय से जुड़े हज़ारों निर्दोष नागरिकों के प्रति समाज में नफरत की भावना बढ़ाने के साथ ही उनकी जिंदगियों को भी खतरे में डालना है।

महोदय, आपसे निवेदन है कि,आप छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों के हित में सुकमा पुलिस अधीक्षक की इस असंवैधानिक कार्रवाई का संज्ञान लेते हुए इसे तत्काल वापस लेने और संबंधित पुलिस अधिकारी पर कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उन्हें आश्वस्त करें।