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फासीवाद के ख़िलाफ़ आवाज़: छत्तीसगढ़ में जसम का पहला राज्य सम्मेलन आज; सृजन और प्रतिरोध होगा केंद्र में

रायपुर (पब्लिक फोरम)। जब सत्ता संस्कृति को कुचलने पर आमादा हो, तो कलम और कला ही सबसे धारदार हथियार बनती है। इसी विश्वास के साथ जन संस्कृति मंच (जसम) का “पहला राज्य सम्मेलन” आज – 12 अप्रैल को – रायपुर के सिविल लाइन स्थित वृंदावन हॉल में सुबह 11 बजे से आयोजित हो रहा है। “फासीवाद के ख़िलाफ़… सृजन और प्रतिरोध” – यह सम्मेलन का विषय नहीं, बल्कि एक ज़रूरी सांस्कृतिक घोषणापत्र है।

विचार के मंच पर देश के दिग्गज
उद्घाटन सत्र में देश के सुप्रसिद्ध मार्क्सवादी चिंतक रामजी राय, वरिष्ठ आलोचक सियाराम शर्मा, जसम के महासचिव एवं पत्रकार मनोज सिंह और आलोचक प्रेम शंकर प्रमुख वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। दोस्ताना संगठनों की ओर से प्रगतिशील लेखक संघ रायपुर के अध्यक्ष अरुणकान्त शुक्ला, जनवादी लेखक संघ छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष डॉ. सुखनंदन सिंह ध्रुव और इप्टा के रंगकर्मी शेखर नाग भी संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र का संचालन दीपक सिंह करेंगे।

जनगीत, नृत्य, नाटक और कविता – प्रतिरोध की भाषा
सम्मेलन का दूसरा सत्र सांस्कृतिक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। वर्षा बोपचे, सुनीता शुक्ला, समीक्षा नायर के साथ-साथ मध्यप्रदेश के संस्कृतिकर्मी हरगोविंद पुरी, भानु प्रकाश रघुवंशी, जसपाल बांगा, महेश कुशवाहा, श्याम सुंदर मुदगल और नीलम सिंह यादव जनगीतों से सभागार को जीवंत करेंगे। डॉ. संजू पूनम छत्तीसगढ़ी संस्कृति की आत्मा को नृत्य के माध्यम से मंच पर उतारेंगी। इंडियन रोलर बैंड की संगीतमय प्रस्तुति और दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, रायपुर, धमतरी व अशोकनगर के कवियों द्वारा कविता पाठ भी होगा।

सत्र की सबसे विशेष प्रस्तुति होगी दुर्ग-भिलाई जसम द्वारा मंचित नाटक ‘आओ अब लौट चलें’ – जो अमेरिकी इतिहासकार हावर्ड जिन की कृति ‘सोहो में मार्क्स’ का भारतीय संदर्भ में जयप्रकाश नायर द्वारा किया गया रूपांतरण है। नाटक का संगीत एवं निर्देशन सुलेमान खान के हाथों में है। सांस्कृतिक सत्र का संचालन रूपेंद्र तिवारी और कामिनी त्रिपाठी करेंगी।

कविता पोस्टर, पुस्तक प्रदर्शनी और संगठनात्मक चुनाव
सम्मेलन में पंकज दीक्षित, दुर्गेश भार्गव और चित्रकार सर्वज्ञ नायर द्वारा निर्मित कविता पोस्टरों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अतिरिक्त देश के नामचीन लेखकों और प्रकाशकों की पुस्तकें बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी – जो पाठकों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होगा।

सांगठनिक सत्र में जसम छत्तीसगढ़ की विभिन्न इकाइयों के सचिव अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के बाद प्रदेश पदाधिकारियों का चुनाव भी किया जाएगा।
यह जानकारी जसम के राष्ट्रीय सचिव राजकुमार सोनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

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