रायगढ़ (पब्लिक फोरम)। रायगढ़ जिले में बिना प्रशासनिक अनुमति धरना प्रदर्शन आयोजित करने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मयंक चतुर्वेदी कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के निर्देश पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी रायगढ़ ने पांच व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस के अनुसार रायगढ़ निवासी अनिल अग्रवाल तथा तहसील पुसौर के लारा निवासी कृष्णा प्रधान, गौरी शंकर मिरधा, महेन्द्र मिरधा और मुरली प्रधान को यह नोटिस भेजा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी उन्हीं की होगी।
उल्लेखनीय है कि जिले में सार्वजनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा पूर्व में आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत रायगढ़ जिले में किसी भी प्रकार के निजी, सार्वजनिक, धार्मिक, राजनीतिक अथवा अन्य संगठनों द्वारा आयोजित सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों एवं धरना-प्रदर्शनों के लिए जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है।
इसके बावजूद 24 फरवरी 2026 को एनटीपीसी लारा के समीप बिना विधिक अनुमति धरना प्रदर्शन आयोजित किए जाने की जानकारी प्रशासन को प्राप्त हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी रायगढ़ ने आदेश के उल्लंघन को प्रशासनिक अनुशासन एवं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती मानते हुए संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी आयोजन से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य जिले में शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखना है तथा किसी भी प्रकार की अराजक स्थिति को उत्पन्न होने से रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है।





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