कोरबा (पब्लिक फोरम)। कलेक्टर अजीत वसंत ने सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि “कोई भी आवेदन लंबित न रहे” और “5 मई से शुरू होने वाले समाधान शिविर से पहले सभी आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।” उन्होंने राजस्व, राशन, पेंशन जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के आदेश दिए।
समय सीमा की बैठक में हुई महत्वपूर्ण चर्चा
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति और उनके निराकरण पर गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आवेदनों की ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित की जाए और शिविर स्थल पर आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
प्राथमिकता वाले मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई
– राजस्व विभाग: सीमांकन, नामांतरण, अविवादित बंटवारे के मामलों का शीघ्र निपटान।
– खाद्य विभाग: राशन कार्ड, पेंशन और शौचालय निर्माण संबंधी मांगों का तुरंत समाधान।
– शिकायत निवारण: कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन का गुणवत्तापूर्ण निराकरण नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अन्य विभागीय निर्देश
– शिक्षा विभाग: स्कूल जाने वाले बच्चों के जाति प्रमाणपत्र जारी करने में तेजी लाई जाए।
– आयुष्मान कार्ड: आधार से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर कार्ड वितरण प्रक्रिया तेज की जाए।
– दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएँ: दिव्यांग विद्यालय में पात्र छात्रों को लाभान्वित करने के लिए प्रयास किए जाएं।
– मुआवजा व मजदूरी भुगतान: विभागों को निर्देश दिया गया कि लंबित भुगतान तुरंत किए जाएं।
लोक सेवा केंद्रों पर सख्त निगरानी
कलेक्टर ने आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जारी करने में देरी पर नाराजगी जताते हुए तहसीलदारों को 15 दिनों के भीतर सभी लंबित प्रकरण निपटाने के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय सीमा में कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोक दिया जाएगा।
बैठक में निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर, एसडीएम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।





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