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पी एम श्री आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खरसिया का शैक्षिक भ्रमण

धार्मिक स्थल, वा पुरातात्विक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कर छात्र छात्राएं हुए आनंदित

खरसिया(पब्लिक फोरम) । भारत सरकार व छत्तीसगढ़ सरकार का संयुक्त योजना एक्सपोजर विजित(शैक्षिक भ्रमण)करके बच्चे हुए आनंदित , ज्ञात हो कि भारत सरकार , व छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा निरंतर शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बच्चों को विभिन्न वातावरण जैसे भौगोलिक दृश्य,कंपनी, विभिन्न धार्मिक स्थल, वा पुरातात्विक स्थलों को दिखाना होता है इससे जुड़े इतिहास को बच्चे को जानने का अवसर प्रदान हुआ तक आने वाले भविष्य में बच्चे जिस क्षेत्र में घूमे है देखे रहे है इससे जुड़ सके उनके भविष्य में कोई काम आ सके , पी एम श्री आत्मानंद इंग्लिश माध्यम स्कूल खरसिया के 250 छात्र छात्राओं को बौद्ध नगरी सिरपुर जिला महासमुंद तत्पश्चात मानव मानव एक बरोबर के संदेश देने वाले महान संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी के जन्म भूमि तपों भूमि गिरौधपुर में सत के प्रतीक जयतखाम अमृत कुण्ड चरण खंड छाता पहाड़ का भ्रमण किए इन सभी जगहों को भ्रमण कर बच्चे बेहद रोमांचित , आनंदित हुए एक्सप्लोजर विजिट में स्कूल के प्राचार्य रामनिवास नागवंशी का कुशल नेतृत्व वो क्षमता बच्चो को गाइड करना देखते बन रहा था प्राचार्य के निर्देशानुसार शैक्षिक भ्रमण सम्पन्न हुआ जिसमे स्टॉफ से उज्ज्वला गुसांईं व्याख्याता, पूनम दुबे एच एम,कोमल यादव, भूगेंद्र यादव शिक्षक,कल्याणी टंडन, समीर साहू सहा शिक्षक, गौतम दास महंत वोकेशनल टीचर, सदानंद कश्यप म्यूजिक टीचर,सरिता आर्मो,नूतन तिवारी, प्रकाश रजक के साथ ही डाक्टर टिकेश खरे, रामजन रात्रे दिनेश कुमार घृतलहरें का विशेष सहयोग रहा साथ ही पालको का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

शैक्षणिक भ्रमण में बच्चों को मिलते हैं असल ज्ञान

शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को मिलता है सीधा ज्ञान इससे बच्चे साधारण और सरल भाषा में सीखते हैं पुरातत्व और धार्मिक स्थलों का महत्व का ज्ञान छत्तीसगढ़ के धर्मस्थल और पुरातत्व स्थालो शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से बच्चों को जमीनी स्तर से ज्ञान मिलता है इसी तरह ही बच्चों को ज्ञान सरल सीखना चाहिए ताकि भ्रमण के माध्यम से ज्ञान भी मिले और बच्चों को आनंदित भी आए छत्तीसगढ़ के अनमोल धरोहर गिरोधपुरी धाम बौद्ध नगरी सिरपुर इतिहास के पन्नों और स्कूली किताबों में भी मिलते हैं किताबों में पढ़े हुए सिरपुर के उल्लेख और गिरोधपुरी धाम की उल्लेख आज बच्चों ने हकीकत में वहां शैक्षणिक भ्रमण कर उनकी व्याख्या को समझ जाना।

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