रायगढ़ (पब्लिक फोरम)। प्रधान जिला न्यायाधीश और अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन में, समस्त थानों, लीगल एड क्लिनिक और सखी वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत पैरालीगल वालिंटियर्स के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा संचालित स्टेट प्लान ऑफ एक्शन कैलेंडर 2024 के तहत 5 अगस्त को जिला न्यायालय के सभाकक्ष में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नालसा और सालसा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, प्रयास अभियान, मोटरयान दुर्घटना दावा प्रकरण अधिनियम, नालसा टोल फ्री नंबर 15100, नि:शुल्क विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों के विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी शामिल थी। इसके अलावा, आगामी नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया।
पैरालीगल वालिंटियर्स को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक दिवस विभिन्न स्थानों पर जाकर एक-एक शिविर आयोजित करें और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें। साथ ही, प्रशिक्षण में सम्मिलित सभी वालिंटियर्स को उनके कार्यों की दैनिक रजिस्टर को उचित रूप से संधारित करने के लिए निर्देशित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान, पैरालीगल वालिंटियर्स ने अपने कार्यों में आने वाली विभिन्न समस्याओं को प्रधान जिला न्यायाधीश के समक्ष रखा, जिन्होंने सभी समस्याओं का समाधानप्रद और संतोषजनक सुझाव दिया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ से सचिव श्रीमती अंकिता मुदलियार भी उपस्थित रहीं और अपनी सहभागिता दर्ज की।
इस कार्यक्रम ने पैरालीगल वालिंटियर्स को विधिक सेवा के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने और आम जनता को कानूनी सहायता प्रदान करने के प्रति उनके योगदान को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने में मदद की। यह पहल विधिक सेवा को व्यापक रूप से सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।