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मंगलवार, फ़रवरी 10, 2026
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धान खरीदी में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई: पटवारी कामिनी कारे निलंबित; हरदीबाजार तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस

कोरबा (पब्लिक फोरम)। धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारू संचालन को लेकर शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लापरवाही बरतने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पटवारी हल्का क्रमांक-03, राजस्व निरीक्षक मंडल तिवरता, तहसील हरदीबाजार में पदस्थ पटवारी श्रीमती कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पर्यवेक्षण में गंभीर कमी पाए जाने पर हरदीबाजार के तहसीलदार श्री अभिजीत राजभानु को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी प्रक्रिया के तहत गिरदावरी में छूटे अथवा त्रुटिवश दर्ज कृषकों के रकबा सुधार और ऑनलाइन मैपिंग का कार्य चल रहा था। इसी क्रम में ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता एवं पूटा के कृषकों के रकबा की ऑनलाइन मैपिंग की गई। लेकिन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पाली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में सामने आया कि संबंधित पटवारी द्वारा अनेक कृषकों का आवश्यक क्षेत्र निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन नहीं किया गया।

इस गंभीर लापरवाही का सीधा असर किसानों पर पड़ा। सत्यापन के अभाव में कई कृषक धान उपार्जन केंद्रों में अपना धान विक्रय नहीं कर पाए, जिससे उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने इस कृत्य को शासन के निर्देशों की खुली अवहेलना, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और स्वेच्छाचारिता का स्पष्ट उदाहरण माना है।

जांच में यह भी पाया गया कि पटवारी श्रीमती कामिनी कारे का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 का उल्लंघन है, जो कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

इसी प्रकरण में तहसील स्तर पर समुचित पर्यवेक्षण न होने को गंभीर मानते हुए तहसीलदार हरदीबाजार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही तय की जा सके।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और किसान-हितैषी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए चेताया है कि भविष्य में ऐसी चूक पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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