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शनिवार, जनवरी 24, 2026
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कोरबा में धान खरीदी तेज़: 16 दिसंबर तक 54,605 मीट्रिक टन उपार्जन; किसानों के लिए तुंहर टोकन 24×7 शुरू

कोरबा (पब्लिक फोरम)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारु रूप से जारी है। जिले के 65 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक किसानों से बड़ी मात्रा में धान की खरीदी की जा चुकी है, जिससे ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 तक कोरबा जिले में पंजीकृत किसानों से कुल 54,605.40 मीट्रिक टन गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी की गई है। जिले में धान विक्रय हेतु 52 हजार से अधिक किसान पंजीकृत हैं। प्रशासन द्वारा धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन वितरण, पर्याप्त बारदाने की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से सटीक तौलाई तथा शीघ्र भुगतान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

धान उपार्जन के साथ-साथ समितियों से धान उठाव की प्रक्रिया भी तेज़ी से संचालित की जा रही है। जिले में अब तक 25,793.20 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है, जबकि 28,812.20 मीट्रिक टन धान का उठाव शेष है, जिसे आगामी दिनों में प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने की योजना है। विशेष रूप से हाथी-प्रभावित एवं संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों से धान उठाव को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संग्रहण केंद्रों की समुचित व्यवस्था की गई है तथा समितियों में धान की स्टैकिंग कर अतिरिक्त स्थान भी उपलब्ध कराया गया है। इससे खरीदी प्रक्रिया निर्बाध बनी हुई है।

राज्य शासन द्वारा किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए “तुंहर टोकन” प्रणाली को 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन प्रारंभ किया गया है। अब किसान किसी भी समय ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही किसान पंजीयन की तिथि में वृद्धि की गई है और एग्रीस्टेक पोर्टल पर अधिया/रेगहा, वनाधिकार पट्टाधारी तथा डूबान क्षेत्र के किसानों को विशेष छूट प्रदान की गई है।

इन जनहितकारी कदमों से न केवल धान खरीदी प्रक्रिया में गति आई है, बल्कि किसानों का राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रति भरोसा भी और अधिक मजबूत हुआ है। प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को बिना बाधा, समय पर और उचित मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिले।

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