एक वर्ष में 901 किसानों के खातों में डीबीटी से 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित
रायगढ़(पब्लिक फोरम) । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा भू-अर्जन मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सुविधाजनक बनाया गया है। इसके तहत भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा, पुनर्वास एवं बोनस की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे किसानों को चेक प्राप्त करने और उसे बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से राहत मिली है।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व में रायगढ़ अनुविभाग में यह व्यवस्था 26 सितंबर 2025 से लागू की गई। इसके बाद से भू-अर्जन से संबंधित भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है। 21 सितंबर 2026 तक कुल 901 किसानों को 30 करोड़ 34 लाख 77 हजार 902 रुपये की राशि ऑनलाइन अंतरित की जा चुकी है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मुआवजा भुगतान के अंतर्गत 391 किसानों को 20 करोड़ 67 लाख 53 हजार 163 रुपये, जबकि पुनर्वास एवं बोनस के अंतर्गत 510 किसानों को 9 करोड़ 67 लाख 24 हजार 739 रुपये का भुगतान किया गया है। इस प्रकार दोनों मदों में मिलाकर 901 किसानों को 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई गई है।
चेक से ऑनलाइन भुगतान तक बदली व्यवस्था
पूर्व में भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया जाता था। चेक प्राप्त करने के बाद उसे बैंक में जमा कराने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने तक किसानों को बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे। ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया सरल हो गई है। अब स्वीकृत राशि सीधे किसान के बैंक खाते में अंतरित होने से समय की बचत के साथ भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ी है। इस व्यवस्था से किसानों को भुगतान प्राप्त करने के लिए बार-बार कार्यालय और बैंक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। सीधे बैंक खाते में राशि पहुंचने से भू-अर्जन भुगतान की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनी है।
किसानों ने कहा-अब बिना परेशानी सीधे खाते में मिल रही राशि
ग्राम कोतासुरा के किसान टंकधर मालाकार ने बताया कि भू-अर्जन मुआवजा वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था किसानों के लिए काफी सुविधाजनक है। पहले की तुलना में अब मुआवजा राशि आसानी से प्राप्त हो रही है। ग्राम दनौट की चम्पाबाई अगरिया ने कहा कि ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से किसानों को काफी लाभ मिला है। अब बिना किसी परेशानी के समय पर मुआवजा राशि बैंक खाते में प्राप्त हो रही है।
ग्राम मुरालीपाली के हनुमान प्रसाद शर्मा ने बताया कि पहले भू-अर्जन की राशि प्राप्त करने के लिए चेक मिलने के बाद बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे। वर्तमान ऑनलाइन व्यवस्था से मुआवजा एवं पुनर्वास की राशि सीधे बैंक खाते में जमा हो रही है, जिससे किसानों को काफी सुविधा मिली है। भू-अर्जन मुआवजा भुगतान की यह व्यवस्था प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ किसानों के समय और श्रम की बचत कर रही है। डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि अंतरित होने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा दोनों सुनिश्चित हुई हैं।
भू-अर्जन मुआवजे का ऑनलाइन भुगतान बना किसानों के लिए बड़ी सहूलियत
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