रायगढ़ (पब्लिक फोरम)। जिले के छात्रों के प्रयास विद्यालय और राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएसई) में अधिकतम चयन के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने हेतु विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश और कलेक्टर कार्तिकेय गोयल एवं जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में इस कार्यशाला का आयोजन हुआ।
चार चरणों में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के सभी विकासखंडों के माध्यमिक शाला के गणित और विज्ञान शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर प्रशिक्षक श्री पवन सिंह (दुर्ग) और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक श्री ईश्वरीय सिन्हा (बालोद) ने शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। दोनों प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया, आवश्यक प्रमाणपत्रों, अंतिम तिथियों, और सावधानियों की जानकारी दी।

परीक्षा की तैयारी: गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों के पैटर्न को समझाने और उन्हें हल करने के सरल तरीकों पर जोर दिया गया।

मोटिवेशन और नवाचार: बच्चों को कैसे प्रेरित करें, उनकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नवाचार कैसे लागू करें, इस पर भी चर्चा हुई।
समस्या समाधान: शिक्षकों के सभी प्रश्नों का उत्तर देते हुए, उन्हें कम समय में प्रश्न हल करने की रणनीति सिखाई गई।
9 जनवरी को रायगढ़ विकासखंड के 120 शिक्षक, खरसिया और पुसौर के 80-80 शिक्षक कार्यशाला में शामिल हुए। 10 जनवरी को धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार और घरघोड़ा विकासखंडों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
पवन सिंह और ईश्वरीय सिन्हा ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफल होने के लिए शिक्षकों को आवश्यक कौशल और मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके अनुभव और प्रयास से दुर्ग और बालोद जिलों में सर्वाधिक छात्रों का चयन होता है।
यह कार्यशाला शिक्षकों को छात्रों की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाएगी। यह पहल जिले के शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।