बालकोनगर में 45 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय चेतावनी धरना, देशभर में सौंपे गए ज्ञापन
कोरबा (पब्लिक फोरम)। संविधान सुरक्षा दिवस (26 नवंबर 2025) के अवसर पर राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत, मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा, ओबीसी तथा सर्वसमाज के विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से बालको गेट के समक्ष एकदिवसीय चेतावनी धरना–प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान बालको से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर की 45 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी और जुलूस निकालकर कंपनी प्रबंधन एवं शासन–प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इसी तरह दिल्ली के जंतर मंतर सहित देश के कई प्रमुख शहरों में भी संविधान सुरक्षा दिवस पर ज्ञापन दिए गए।
वेदांता प्रबंधन पर संवैधानिक उल्लंघन और दुरुपयोग के गंभीर आरोप
धरना–प्रदर्शन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वेदांता प्रबंधन ने विनिवेश के बाद अधिकारी–कर्मचारी भर्ती में संवैधानिक आरक्षण नियमों का खुला उल्लंघन किया है।
साथ ही—सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, विस्थापित परिवारों और श्रमिक बस्तियों पर लगातार दबाव, पूर्व कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों के अधिकारों की अनदेखी जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वेदांता समूह द्वारा छत्तीसगढ़ के लोगों को दिए गए “झूठे वादे” अब उजागर हो चुके हैं और जनविरोधी नीतियां अब स्वीकार नहीं की जाएंगी।
धरना के उपरांत प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालते हुए वेदांता समूह के सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपने गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम भी विस्तृत ज्ञापन भेजे गए।

45 सूत्रीय मांगों में प्रमुख मुद्दे
राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगों में शामिल हैं:-
– भारत के संविधान का सम्मान व प्रभावी अमलबाज़ी।
– EVM पर प्रतिबंध और बैलेट पेपर से चुनाव की मांग।
– जरूरतमंद बेरोजगारों को न्यूनतम 30,000 मासिक।
– अधिकतम ₹3,00,000 मासिक (योग्यता अनुसार)
सरकारी रोजगार की गारंटी
– बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित करना
– जाति–धर्म आधारित विभाजित राष्ट्रवाद खत्म कर संविधान-समर्थित “भारतीय राष्ट्रवाद” की स्थापना
– बालको का पुनः राष्ट्रीयकरण
मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों में मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो 26 दिसंबर 2025 से बालको सहित कई शहरों में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

“जनता जनार्दन छाया सरकार” गठन की घोषणा
राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय संयोजक एवं मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल ऋषिकर भारती ने कहा कि भारत में संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए समग्र जनांदोलन की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि—नोटबंदी, GST, NRC, ED, CBI, NSA जैसी संस्थाओं
का प्रयोग विपक्ष और जन–आंदोलनों को दबाने के लिए किया जा रहा है, जिससे देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
उन्होंने घोषणा की कि 26 नवंबर 2025 से राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत संविधान की उद्देशिका से निकले “We the People” के आधार पर ‘जनता जनार्दन छाया सरकार’ का गठन करेगा।
यह सरकार कानूनन सत्ता का विकल्प नहीं होगी, बल्कि नैतिक जन–सरकार के रूप में जनता के अधिकारों और संविधान का प्रहरी बनकर कार्य करेगी।

राष्ट्रीय संयोजक की स्वास्थ्य समस्या के कारण उनका विस्तृत भाषण आयोजित नहीं हो सका। ऐसे में— केंद्रीय सचिव सुनील सुना, प्रदेश महासचिव एस.सी. ढोके, संभागीय अध्यक्ष वासुदेव साहू, जिला संयोजक क्रांति कुमार साव, जिला उपाध्यक्ष प्यारेदास महंत ने मंच संचालन और नेतृत्व संभाला।
आंदोलन में यह भी मांग उठाई गई कि दिव्यांगों और बेरोजगारों के हक़ की लड़ाई लड़ते हुए 2004 में आत्मदाह करने वाले बलिदानी युवा नेता स्व. जितेंद्र कुमार साव की स्मृति में ₹100 करोड़ का कल्याणकारी स्मारक बनाया जाए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण, दिव्यांग, पूर्व कर्मचारी और विस्थापित परिवार मौजूद रहे। ग्रामीण कन्याओं द्वारा सुआ गीत और सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिन्हें संस्था द्वारा सम्मानित किया गया।
दिल्ली जंतर मंतर पर राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अनिल नागबौद्ध, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष जय सिंह राठौड़, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष रोहतास, एड. सुषमा मरकाम सहित कई नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
रायपुर, नागपुर और अन्य शहरों में भी संगठन के पदाधिकारियों ने 45 सूत्रीय मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपे।






Recent Comments