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बुधवार, फ़रवरी 25, 2026
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कोरबा में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत: पांच साल पुराने मुकद्दमों के निपटारे पर विशेष जोर

कोरबा (पब्लिक फोरम)। न्याय की राह में लंबित मुकद्दमों का बोझ कम करने और आम जनता को त्वरित समाधान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, कोरबा जिला न्यायालय में आगामी 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन की तैयारियों की समीक्षा और रणनीति तय करने के लिए आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष शर्मा की अध्यक्षता में न्यायिक अधिकारियों की एक अहम बैठक संपन्न हुई।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नई दिल्ली) और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बिलासपुर) के निर्देशों के तहत आयोजित होने वाली यह लोक अदालत न सिर्फ जिला मुख्यालय बल्कि कटघोरा, करतला और पाली की तहसीलों सहित समस्त राजस्व न्यायालयों में भी सजेगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह लक्ष्य रखा गया कि इस बार विशेष रूप से उन प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पिछले पांच से दस वर्षों से न्यायालयों में लंबित हैं।

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री शर्मा ने साफ निर्देश दिए कि इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में यह रेखांकित किया गया कि जो प्रकरण आपसी सुलह-समझौते से निपटाए जा सकते हैं, उन्हें इस मंच पर रखा जाए। इनमें राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, बैंक वसूली के प्रकरण, चेक बाउंस (एनआई एक्ट की धारा 138) के मामले, मोटर दुर्घटना दावा और अन्य सिविल वाद शामिल हैं।

जिला न्यायालय परिसर स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित इस बैठक में जहां जिले के वरिष्ठ न्यायाधीशगण मौजूद थे, वहीं कटघोरा, करतला और पाली में पदस्थ न्यायिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस दौरान जयदीप गर्ग (विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट), श्रीमती गरिमा शर्मा (प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश), डॉ. ममता भोजवानी (पॉक्सो कोर्ट), सुश्री सीमा प्रताप चंद्रा (एफटीसी), कु. मयुरा गुप्ता (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) सहित कई गणमान्य न्यायिक अधिकारियों ने अपने सुझाव रखे।

इस पहल से आम नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचेगा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जनता से विशेष अपील करते हुए कहा है कि जिन पक्षकारों के मामले समझौते योग्य हैं, वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। वे अपने लंबित प्रकरणों को 14 मार्च को लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे जाने के लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यह एक ऐसा मंच है, जहां न केवल मुकद्दमों का त्वरित निपटारा होगा, बल्कि वादियों को समय और धन की भी बचत होगी।

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