रविवार, मार्च 1, 2026
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14 मार्च को कोरबा में नेशनल लोक अदालत: 5 से 10 वर्ष पुराने मामलों के त्वरित निराकरण पर जोर, न्यायिक अधिकारियों की समन्वय बैठक संपन्न

कोरबा (पब्लिक फोरम)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 14 मार्च 2026 को जिलेभर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला न्यायालय कोरबा तथा तहसील विधिक सेवा समिति कटघोरा, करतला और पाली सहित सभी राजस्व न्यायालयों में लोक अदालत आयोजित की जाएगी।

आगामी नेशनल लोक अदालत को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा श्री संतोष शर्मा की अध्यक्षता में बाह्य न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला न्यायालय परिसर स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से संपन्न हुई।

बैठक में निर्देश दिए गए कि अधिक से अधिक राजीनामा योग्य मामलों को लोक अदालत में सूचीबद्ध किया जाए, विशेष रूप से वे प्रकरण जो 5 से 10 वर्षों से लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समझौते हेतु प्रस्तुत किया जाए। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लंबे समय से लंबित मामलों का त्वरित, सरल और न्यायसंगत समाधान हो सके।

नेशनल लोक अदालत में निम्न प्रकार के मामलों को शामिल किया जाएगा:

🔹समस्त राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण
🔹बैंक से संबंधित विवाद
🔹परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के प्रकरण
🔹वसूली के प्रकरण
🔹मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण
🔹अन्य व्यवहार वाद एवं दीवानी प्रकृति के मामले

श्री शर्मा ने सभी न्यायिक अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों से अवगत कराते हुए अधिकतम मामलों का निराकरण सुनिश्चित करें, जिससे न्यायिक बोझ कम हो और आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिल सके।

इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा श्रीमती मधु तिवारी, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा हेमंत कुमार रात्रे, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा शीलू सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कटघोरा लोकेश पाटले, कु. रंजू वैष्णव, सिद्धार्थ आनंद सोनी, सागर चंद्राकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी करतला हेमंत राज ध्रुव तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी पाली कु. सोआ मंसूर उपस्थित रहे।

प्रशासनिक और न्यायिक समन्वय के साथ आयोजित यह बैठक नेशनल लोक अदालत को जनहितकारी, समयबद्ध और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे जिले में लंबित मामलों के समाधान की गति तेज होने और न्याय प्रणाली पर नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

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