कोरबा (पब्लिक फोरम)। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र कोरबा में बालको-भदरापारा-कोरबा मुख्य मार्ग प्रशासनिक अनदेखी के चलते इन दिनों बेहद जानलेवा हो चुका है। स्थानीय अधिवक्ता रामकिशोर शर्मा ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर जर्जर सड़क और मिश्रा मेडिकल के पास बने अमानक ‘कलवर्ट’ (Culvert – पुलिया) को तुरंत सुधारने की मांग की है। यह बदहाली रोजाना हजारों औद्योगिक मजदूरों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों के सफर को खतरनाक बना रही है।
विकास के दावों के बीच बुनियादी सुरक्षा गायब
कोरबा का बालको नगर क्षेत्र एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में श्रमिक और स्थानीय निवासी आवागमन करते हैं। वर्तमान में बालको से कोरबा शहर को जोड़ने के लिए भदरापारा-लालघाट मार्ग ही एकमात्र सुगम विकल्प बचा है। दूसरा मार्ग, जो परसाभाठा की ओर से जाता है, वह पहले से ही बालको संयंत्र के अनियंत्रित और भारी ‘हाईवा’ (Hyva – भारी औद्योगिक डंपर) वाहनों की आवाजाही के कारण पूरी तरह जर्जर हो चुका है। ऐसे में पूरा दबाव भदरापारा मार्ग पर आ गया है, लेकिन नगर निगम की लापरवाही ने इसे भी चलने लायक नहीं छोड़ा है।

अमानक ‘कलवर्ट’ बना बड़ा खतरा
नगर पालिक निगम आयुक्त को सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, हाल ही में भदरापारा के मिश्रा मेडिकल स्टोर्स के पास नाली निर्माण का कार्य कराया गया था। इस निर्माण के दौरान सड़क पर जो कलवर्ट बनाया गया, उसका स्तर सड़क की सतह से काफी ऊपर रख दिया गया है, जो किसी गंभीर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है।
🔹 पुलिया की ऊंचाई: सड़क से अत्यधिक ऊपर होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों के असंतुलित होकर पलटने का खतरा बना रहता है।
🔹 रात का जोखिम: स्ट्रीट लाइट की कमी और अचानक सामने आने वाले इस ऊंचे अवरोध के कारण रात के समय वाहन लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
🔹 स्थानीय निवासियों की परेशानी: रोजमर्रा के काम पर जाने वाले लोगों को इस मार्ग से गुजरने में भारी मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
“रात के अंधेरे में सड़क के यह गहरे गड्ढे और अचानक सामने आने वाला अमानक कलवर्ट किसी अदृश्य काल की तरह नजर आते हैं। नगर निगम शायद किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है, तभी इस जनहित के मुद्दे पर चुप्पी साधी गई है।” — स्थानीय कामकाजी नागरिक।
स्कूली बच्चों और रोज कमाने वालों पर दोहरी मार
इस मार्ग की दुर्दशा केवल तकनीकी खामियों तक सीमित नहीं है। भदरापारा मुख्य बाजार क्षेत्र होने के कारण यहाँ के स्थानीय व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों के सामने बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। इसके कारण सड़क पर अक्सर गंभीर ‘ट्रैफिक जाम’ (Traffic Jam) की स्थिति बनी रहती है।
सुबह और दोपहर के समय स्कूली बसों और पैदल जाने वाले बच्चों को इस अव्यवस्था के कारण अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता है। सबसे भयावह स्थिति बरसात के दिनों में होती है, जब सड़क के गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है। पानी भरे होने के कारण राहगीरों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे पैदल चलने वाले मजदूरों से लेकर बाइक चालकों तक के लिए यह मार्ग एक जानलेवा जाल में तब्दील हो जाता है।
इस महत्वपूर्ण मार्ग की तत्काल मरम्मत और अमानक पुलिया का सुधारीकरण केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कोरबा के कामकाजी वर्ग की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मानवीय मुद्दा है। प्रशासन को इस जनहित की समस्या का त्वरित संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आदेश जारी करने चाहिए, ताकि किसी बेकसूर को अपनी जान न गंवानी पड़े।





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