कोरबा (पब्लिक फोरम)। जिले में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने परीक्षाओं के निर्विघ्न संचालन और छात्र-छात्राओं को शांत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरे जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध 16 फरवरी से लेकर 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की मुख्य परीक्षाएं तथा शारीरिक प्रशिक्षण पत्रोपाधि परीक्षा 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच आयोजित की जानी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने यह निर्णय लिया है। उनका मानना है कि ध्वनि प्रदूषण से परीक्षार्थियों की तैयारी में बाधा उत्पन्न होती है और परीक्षा के दौरान एकाग्रता भंग होती है।
कानूनी प्रावधान के तहत लिया गया निर्णय
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। इस अधिनियम के अनुसार, ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और सार्वजनिक हित में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन को विशेष अधिकार प्राप्त हैं।
विशेष परिस्थितियों में मिलेगी छूट
हालांकि, विशेष परिस्थितियों और शासकीय कार्यों के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। यह अनुमति सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं उपरोक्त अधिनियम में उल्लेखित शर्तों के अधीन ही प्रदान की जाएगी।
परीक्षार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम
यह निर्णय विशेष रूप से उन लाखों विद्यार्थियों के हित में लिया गया है जो अपने भविष्य की नींव रखने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। शांत और अनुकूल वातावरण में अध्ययन करने से छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस आदेश का पालन करें और परीक्षार्थियों के भविष्य निर्माण में सहयोग प्रदान करें। किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





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