कोरबा (पब्लिक फोरम)। कोरबा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनपुरी में आयोजित सरपंच संघ की बैठक में पंचायतों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण समस्याओं के समाधान को लेकर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नए पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई। जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर ग्रामीण विकास को गति देने का संकल्प व्यक्त किया।
पंचायतों के विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा
कोरबा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनपुरी में रविवार को सरपंच संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद सरपंच संघ अध्यक्ष एवं वर्तमान सरपंच विजय मंझवार ने की। इसमें क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को साझा करते हुए विकास कार्यों को गति देने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
संगठन विस्तार के तहत नए पदाधिकारी नियुक्त
सरपंच संघ को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संगठन का विस्तार भी किया गया। सर्वसम्मति से कलेश राम कंवर और महेंद्र कुमार राठिया को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं अनिता मंझवार तथा गोपी राठिया को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और पंचायतों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की अपेक्षा व्यक्त की गई।

पंचायतों की भूमिका पर अध्यक्ष का जोर
बैठक को संबोधित करते हुए सरपंच संघ अध्यक्ष विजय मंझवार ने कहा कि पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सरपंच संघ की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान और विकास कार्यों में गति लाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से पंचायत स्तर की समस्याओं को गंभीरता से उठाने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहने का आह्वान किया।
ग्रामीण विकास की दिशा में सामूहिक संकल्प
बैठक के अंत में नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास, ग्रामीण हितों की रक्षा और पंचायतों को अधिक सशक्त बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
ग्रामीण विकास की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी, आपसी समन्वय और जवाबदेही ही पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाती है। सोनपुरी में आयोजित यह बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
सोनपुरी में आयोजित सरपंच संघ की यह बैठक केवल संगठनात्मक विस्तार तक सीमित नहीं रही, बल्कि पंचायतों की भूमिका, ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं और जनहित के मुद्दों पर सामूहिक चिंतन का मंच भी बनी। स्थानीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व और बेहतर समन्वय ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को अधिक प्रभावी बना सकता है, जिसकी अपेक्षा क्षेत्र के लोगों को भी है।





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