कोरबा (पब्लिक फोरम)। न्याय तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने और जेल में निरुद्ध बंदियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से जिला जेल कोरबा का सघन निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण श्री संतोष शर्मा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कैदियों की वास्तविक स्थिति, उन्हें उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं की प्रभावशीलता का आकलन करना रहा।
निरीक्षण के दौरान बोर्ड के सदस्यों ने जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया। इसमें कैदियों के बैरक, रसोईघर, स्वास्थ्य केंद्र, स्वच्छता व्यवस्था तथा अन्य सामान्य उपयोग के स्थान शामिल थे। अधिकारियों ने कैदियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और दैनिक दिनचर्या की जानकारी प्राप्त की, जिससे जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत सामने आ सके।
भोजन की गुणवत्ता और पोषण मानकों की जांच करते हुए यह देखा गया कि कैदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक भोजन मिल रहा है या नहीं। साथ ही चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, दवाइयों की पर्याप्तता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति तथा स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था का भी गहन मूल्यांकन किया गया। इसके अतिरिक्त, जेल में संचालित शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों की स्थिति का भी अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान जेल लीगल एड क्लीनिक की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कैदियों को समय पर, सरल और प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध हो सके, ताकि वे अपने मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को समझ सकें और अपने अधिकारों का संरक्षण कर सकें।
इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संतोष शर्मा ने जेल अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि कैदियों के लिए स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं बिना किसी व्यवधान के सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवाधिकारों के सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
निरीक्षण के समय जिला जेल कोरबा में कुल 206 बंदी निरुद्ध पाए गए, जिनमें 17 महिला और 189 पुरुष कैदी शामिल थे। संयुक्त निरीक्षण में सुश्री मयुरा गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट; कु. त्राप्ति कु. ग्रेसी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी; श्री ओमप्रकाश यादव, अपर कलेक्टर कोरबा; श्री नितीश सिंह ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक; विजय लक्ष्मी, लोक निर्माण विभाग; डॉ. सी. के. सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी; तामेश्वर उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी; दीपेश भारती, रोजगार अधिकारी; विनय कुमार, उद्योग अधिकारी; श्री मुकेश कुमार, वेलफेयर अधिकारी तथा समाज कल्याण विभाग से उपसंचालक श्री हरीश सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





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