कोरबा (पब्लिक फोरम)। जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों में तत्परता एवं पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से वर्षा ऋतु में संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम और सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि उल्टी-दस्त, बुखार जैसी मौसमी बीमारियों की सूचना मिलते ही तत्क्षण टीम भेजी जाए और मौके पर जांच व उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सर्पदंश व कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त एंटी वेनम और रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों में स्थित जर्जर शासकीय भवनों को जनपद सीईओ के माध्यम से डिस्मेंटल किया जाए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने युक्तियुक्तकरण संबंधी उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में निराकृत प्रकरणों के शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण कराने और अनुपालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही डीएमएफ मद से शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रशासकीय स्वीकृति लेने का भी निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिया।

खाद्य वितरण की समीक्षा में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में राशन वितरण इस तरह से किया जाए कि ग्रामीणों को पाँच किलोमीटर से अधिक की दूरी तय न करनी पड़े। इसके लिए संबंधित राशन दुकानों के संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में विभिन्न विभागों की डीएमएफ से स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कार्य निरस्त होने की स्थिति में 20 दिवस के भीतर राशि विभाग को लौटाई जाए। साथ ही सभी विभाग दो माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करें।
तहसीलवार समीक्षा में राजस्व कार्यों पर फोकस
समय सीमा की बैठक के उपरांत कलेक्टर श्री वसंत ने तहसीलवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए राजस्व विभाग के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण, सीमांकन, डायवर्सन, ई-कोर्ट, त्रुटि सुधार, नक्शा बटांकन और अन्य राजस्व न्यायालय संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, विशेषकर वे प्रकरण जो 3 से 5 वर्षों से लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय तक न आना पड़े, इसके लिए एसडीएम व तहसीलदार अपने स्तर पर समस्या समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही नागरिकों को प्रक्रिया की जानकारी देकर उन्हें विश्वास में लें।
कलेक्टर ने रिकॉर्ड रूम, जाति प्रमाणपत्र वितरण, मेडिकल कॉलेज भवन हेतु सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी के बच्चों से संबंधित योजनाओं, और रेडक्रॉस के तहत दवा वितरण व्यवस्था पर भी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएफओ कटघोरा निशांत कुमार, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी, संयुक्त कलेक्टर मनोज बंजारे, समस्त एसडीएम व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।