कांकेर (पब्लिक फोरम)। कांकेर नगर पालिका में प्लेसमेंट कर्मचारियों के ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) की राशि से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। वर्षों से कर्मचारियों के वेतन से काटी जाने वाली राशि को हड़पने का मामला प्रकाश में आने के बाद अब यूनियन ने इस मामले की जांच अपराध अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का ऐलान किया है।
यूनियन के अध्यक्ष राकेश बिछिया और महासचिव दिलीप साहू ने आज जारी प्रेस बयान में बताया कि नगर पालिका में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों का ईएसआई योगदान वर्ष 2018 से पूर्व का जमा ही नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इस योजना के तहत कर्मचारियों के वेतन से 0.75 प्रतिशत और नगर पालिका द्वारा कर्मचारी के वेतन का 3.25 प्रतिशत अंशदान ठेकेदार को दिया जाता है, लेकिन आरोप है कि 2018 से पहले की अवधि की यह संपूर्ण राशि ठेकेदार द्वारा जमा नहीं कराई गई।
यह मामला तब उजागर हुआ जब यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल भिलाई स्थित ईएसआई शाखा कार्यालय पहुंचा। शाखा प्रबंधक से वार्ता के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इन कर्मचारियों के लिए ईएसआई में धनराशि जमा करने की प्रक्रिया ही प्रारंभ नहीं की गई थी।
प्रतिनिधिमंडल ने शाखा प्रबंधक को एक शिकायत पत्र सौंपते हुए कई गंभीर अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। सबसे बड़ी समस्या यह उजागर हुई कि कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड में उनके आश्रितों एवं परिवार के सदस्यों के नाम शामिल नहीं हैं। इस लापरवाही के कारण कर्मचारियों के आश्रित मुफ्त इलाज की सुविधा से वंचित रह रहे हैं।
नेताओं ने यह भी बताया कि हाल ही में एक प्लेसमेंट कर्मचारी की माता का इलाज रायपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई। ईएसआई के नियमों के अनुसार, कर्मचारी के माता-पिता के चिकित्सा खर्च की भरपाई ईएसआई से होनी चाहिए थी, लेकिन कार्ड में माता का नाम नहीं होने के कारण परिवार को यह अधिकार नहीं मिल सका। इस संबंध में शाखा प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि यह पूरा खर्च ठेकेदार को वहन करना होगा, क्योंकि उसकी उदासीनता के चलते ही परिवार के सदस्यों के नाम कार्ड में जुड़ नहीं पाए।
यूनियन का आरोप है कि हालांकि वर्ष 2018 से कर्मचारियों का ईएसआई जमा किया जा रहा है, लेकिन उन्हें ईएसआई कार्ड वर्ष 2025 में तब जारी किए गए, जब इस मामले में यूनियन ने जिलाधीश से शिकायत की थी। कार्ड न होने के कारण वर्षों तक कर्मचारी मुफ्त इलाज के लाभ से वंचित रहे।
यूनियन नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईएसआई में हुए इस आर्थिक घोटाले के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, हड़पी गई सभी राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए यूनियन जल्द ही अपराध अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को औपचारिक शिकायत भेजेगी।





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