कोरबा (पब्लिक फोरम)। एपस्टीन फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम उजागर होने के बाद देशभर में जहां सियासी हलचल तेज है, वहीं छत्तीसगढ़ के कोरबा में भी इसकी आंच पहुंच गई। राष्ट्रीय एवं प्रदेश महिला कांग्रेस के निर्देश पर शनिवार को टी.पी. नगर चौक पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का पुतला दहन कर कड़े विरोध का संदेश दिया।
नैतिकता बची हो तो इस्तीफा दें पुरी” – कुसुम द्विवेदी
जिला महिला कांग्रेस की शहर अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी ने इस मौके पर तीखे शब्दों में कहा –
“किसी केंद्रीय मंत्री का नाम एपस्टीन जैसी कुख्यात फाइल में आना कोई मामूली बात नहीं है। यह देश की गरिमा और संवैधानिक पद की साख का सवाल है। हरदीप सिंह पुरी को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए – उन्हें नैतिक रूप से उस कुर्सी पर बैठे रहने का कोई अधिकार नहीं।”
“प्रधानमंत्री तोड़ें अपनी चुप्पी” – प्रभा तंवर
महिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष प्रभा तंवर ने प्रधानमंत्री को सीधे घेरते हुए कहा कि इस संवेदनशील और गंभीर मामले पर देश के प्रधानमंत्री की चुप्पी अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करें और अपने मंत्री से जवाबदेही सुनिश्चित करें।
62 बार हुआ था ईमेल का आदान-प्रदान – मनोज चौहान
ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज चौहान ने इस मामले के तथ्यात्मक पहलू पर प्रकाश डालते हुए चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2017 के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के बीच 62 बार ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था। चौहान ने सवाल उठाया – “इतने गहरे संपर्क की क्या सफाई देंगे मंत्री जी?”

वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने दिया विरोध को धार
पुतला दहन कार्यक्रम को पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी, पूर्व अध्यक्ष हरीश परसाई, शहर जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर, एनएसयूआई अध्यक्ष मनमोहन राठौर और पूर्व अध्यक्ष सपना चौहान ने भी संबोधित किया। इन वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने विरोध प्रदर्शन को और अधिक राजनीतिक वजन दिया।
कार्यक्रम स्थल पर ब्लॉक अध्यक्ष बसंत चंद्रा, पालूराम साहू, ए.डी. जोशी, पार्षद नारायण लाल कुर्रे, डॉ. गोपाल कुर्रे, रवि सिंह चंदेल, रामपुर विधायक प्रतिनिधि प्रवीण ओगरे सहित दर्जनों कांग्रेस पदाधिकारी और महिला कार्यकर्ताएं उपस्थित रहीं – जो इस आक्रोश की व्यापकता को दर्शाता है।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी ने किया, जबकि आभार महिला कांग्रेस की जिला सचिव जमुना राठौर ने व्यक्त किया।
गौरतलब है कि एपस्टीन फाइल का यह विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े नामों को कटघरे में खड़ा कर चुका है। भारत में इस फाइल में किसी केंद्रीय मंत्री के नाम के उजागर होने से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा है और विपक्ष ने इसे एक बड़े नैतिक संकट के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है।





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