नई दिल्ली (पब्लिक फोरम)। भारत निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समय-सीमा में 7 दिन का विस्तार कर दिया है। आयोग ने अपने पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए नया संशोधित शेड्यूल जारी किया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, एन्यूमरेशन (घर-घर सत्यापन), मतदान बूथों के पुनर्गठन, ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल के प्रकाशन और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया अब संशोधित तिथियों के अनुसार पूरी की जाएगी। इससे पहले SIR प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी।
यह समय-विस्तार उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है जहां SIR की प्रक्रिया पहले से चल रही है। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह समय-विस्तार आवश्यक पाया गया है।
संशोधित SIR कार्यक्रम इस प्रकार है:
एन्यूमरेशन अवधि (घर-घर सत्यापन): 11 दिसंबर 2025 (गुरुवार) तक
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और पुनर्व्यवस्था: 11 दिसंबर 2025 (गुरुवार) तक
कंट्रोल टेबल अपडेट और ड्राफ्ट रोल की तैयारी: 12 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) से 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) तक
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन: 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार)
दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि: 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार) से 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) तक
नोटिस चरण (नोटिस जारी करना, सुनवाई, सत्यापन और निर्णय): निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा यह प्रक्रिया दावे-आपत्तियों के निपटारे के साथ समानांतर चलाई जाएगी। यह प्रक्रिया 16 दिसंबर 2025 (मंगलवार) से 7 फरवरी 2026 (शनिवार) तक जारी रहेगी।





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