back to top
शुक्रवार, जनवरी 23, 2026
होमआसपास-प्रदेशSECL प्रबंधन से भूविस्थापितों की सीधी बातचीत: रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास को...

SECL प्रबंधन से भूविस्थापितों की सीधी बातचीत: रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास को लेकर ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने रखीं ठोस मांगें

बिलासपुर/कोरबा (पब्लिक फोरम)। ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के मुख्यालय में बोर्ड मेंबर्स के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर भूविस्थापित परिवारों के अधिकारों, रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े लंबित मामलों को मजबूती से उठाया। समिति ने SECL के डायरेक्टर (पर्सनल) श्री बिरंचि दास एवं डायरेक्टर (तकनीकी–P&P) श्री रमेश चंद्र महापात्रा को भूविस्थापितों की गंभीर समस्याओं से संबंधित विस्तृत मांग पत्र सौंपा और शीघ्र समाधान की मांग की।

बैठक के दौरान समिति ने कोरबा क्षेत्र के सरईपाली–बूड़बूड़ तथा रायगढ़ क्षेत्र के बरौद में बसाहट राशि में 3.50 लाख रुपये की अतिरिक्त वृद्धि किए जाने पर SECL प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही यह मांग भी रखी गई कि यह बढ़ी हुई बसाहट राशि SECL के सभी क्षेत्रों में समान रूप से लागू की जाए तथा दस्तावेजी कारणों से रोके गए विस्थापन लाभ पात्र हितग्राहियों को तत्काल प्रदान किए जाएं।

बैठक में उठाई गई प्रमुख मांगें:
समिति ने माननीय हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप छोटे खातेदारों और अर्जन के उपरांत जन्मे पात्र व्यक्तियों को तुरंत रोजगार देने, नए एवं पुराने रोजगार, बसाहट और मुआवजा से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने की मांग रखी। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग कंपनियों में प्रत्यक्ष प्रभावितों को अनिवार्य रोजगार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, कंपनी के ठेका कार्यों में 20 लाख रुपये तक के कार्य भूविस्थापितों के लिए आरक्षित करने तथा चार पहिया वाहनों के सभी ठेकों में भूविस्थापितों को प्राथमिकता देने की बात प्रमुखता से उठाई गई।

समिति ने महिलाओं और युवाओं के स्वरोजगार के लिए विशेष अनुदान एवं अवसर उपलब्ध कराने, प्रभावित क्षेत्रों के मुख्य मार्गों पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर उन्हें भूविस्थापितों को आवंटित करने, पुनर्वास गांवों की बुनियादी समस्याओं का त्वरित समाधान करने तथा खदान बंद होने की स्थिति में किसानों की जमीन उन्हें वापस किए जाने की मांग भी रखी। इसके अलावा, पूर्व में हुए समझौतों के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर समिति ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

चर्चा के दौरान SECL प्रबंधन के अधिकारियों ने समिति की मांगों को गंभीरता से सुना और अधिकांश मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।

समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संगठन भूविस्थापित किसानों के हक की लड़ाई लगातार जारी रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि विकास की प्रक्रिया में अपनी जमीन देने वाला किसान हाशिए पर न जाए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सीएसआर और डीएमएफटी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ माननीय हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है।

इस प्रतिनिधिमंडल में सपुरन कुलदीप, रुद्र दास महंत, अनुसुईया राठौर, ललित महिलांगे, संतोष चौहान, तिरिथ राम, केशव चंदन सिंह बंजारा, शत्रुहन करपे सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments