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कोरबा में जल्द शुरू होगी सीएम हेल्पलाइन – 1076 पर करें कॉल, 24×7 मिलेगा समाधान

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिला अधिकारियों के साथ की बैठक, शिकायत निराकरण में जवाबदेही और गुणवत्ता पर दिया जोर

कोरबा (पब्लिक फोरम)। आम नागरिकों की शिकायतें अब फाइलों में दबकर नहीं रहेंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में शीघ्र शुरू होने जा रही “सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कोरबा कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली।

बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पोर्टल पर प्राप्त हर आवेदन को गंभीरता से लिया जाए और निर्धारित समयसीमा में उसका गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि “नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान प्रत्येक अधिकारी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”

हर विभाग में एक नोडल कर्मचारी, जिला कार्यालय में बनेगा प्रकोष्ठ
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यालयों में पोर्टल संचालन के लिए एक जिम्मेदार कर्मचारी नामित करें। साथ ही जिला कार्यालय की शिकायत शाखा में “सीएम हेल्पलाइन प्रकोष्ठ” स्थापित किया जाएगा, जो समस्त शिकायतों की केंद्रीय निगरानी का काम करेगा।

कैसे काम करेगी यह प्रणाली?
कलेक्टर ने बैठक में पोर्टल की चरणबद्ध कार्यप्रणाली और विभिन्न स्तरों पर मॉनिटरिंग की विस्तृत जानकारी दी। इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं-

– टोल फ्री नंबर 1076 के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
– शिकायत दर्ज होते ही नागरिक को एक “विशिष्ट पहचान संख्या (Unique ID)” मिलेगी।
– इस ID से नागरिक यह जान सकेगा कि उसकी शिकायत किस विभाग में, किस अधिकारी के पास है, क्या कार्यवाही हुई और समाधान में कितना समय लगेगा।
– रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
– यह हेल्पलाइन “सप्ताह के सातों दिन, चौबीसों घंटे” सक्रिय रहेगी।

नागरिक असंतुष्ट हुआ तो शिकायत स्वतः फिर सक्रिय होगी
इस प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि शिकायत के समाधान के बाद संबंधित नागरिक से सीधे संपर्क कर उसकी “प्रतिक्रिया (Feedback)” ली जाएगी। यदि नागरिक समाधान से संतुष्ट है, तभी शिकायत को पूर्णतः निराकृत माना जाएगा। लेकिन यदि वह असंतुष्ट रहा, तो शिकायत “स्वतः पुनः सक्रिय” हो जाएगी। इस व्यवस्था से प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और सक्रियता का नया अध्याय लिखा जाएगा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी कटघोरा  कुमार निशांत, निगमायुक्त  आशुतोष पांडेय, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण किरण सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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