
खरसिया (पब्लिक फोरम)। विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर नगर पालिका परिषद खरसिया ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया। इस कार्यक्रम में नागरिकों, महिला स्व-सहायता समूहों और नगर पालिका कर्मचारियों को चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण की विधि से अवगत कराया गया। नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग ने घोषणा की कि खरसिया को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर 1 बनाने का लक्ष्य है और इसके लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। शहर के 18 वार्डों में 56 मोहल्ला समितियाँ बनाई गई हैं, जो इस अभियान की रीढ़ बनेंगी।
5 जून 2026 को नगर पालिका परिषद खरसिया के ऑडिटोरियम में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) 2026 के दिशा-निर्देशों पर एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पार्षदगण, स्व-सहायता समूह (SHG) की दीदियाँ तथा नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कचरा प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों और पर्यावरण संरक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई।

56 मोहल्ला समितियाँ: जन-भागीदारी की नींव
खरसिया नगर पालिका ने स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए शहर के 18 वार्डों में 56 मोहल्ला समितियों का गठन किया है। इन समितियों के जरिए जन-जागरूकता और नागरिक सहभागिता को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। यह पहल शहरी स्वच्छता कार्यक्रमों में केंद्र सरकार की उस नीति के अनुरूप है, जो यह मानती है कि स्थायी बदलाव तभी आता है जब समुदाय खुद अभियान का हिस्सा बने।
चार डस्टबिन, एक संकल्प
सेमिनार में उपस्थित नागरिकों और SHG सदस्यों को चार रंगों और श्रेणियों वाले डस्टबिन – गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और ई-वेस्ट – के सही उपयोग की जानकारी दी गई। स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण (source segregation) का महत्व समझाते हुए बताया गया कि यह प्रक्रिया न केवल कचरा प्रबंधन को आसान बनाती है, बल्कि पुनर्चक्रण (recycling) की संभावनाओं को भी बढ़ाती है और भराव क्षेत्रों (landfills) का बोझ कम करती है।

नगर पालिका अध्यक्ष का आह्वान
नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग ने कार्यक्रम में स्पष्ट शब्दों में कहा, “खरसिया बनेगा नंबर 1।” उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करें, घर-घर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करें और इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर एक सामाजिक जन-आंदोलन में बदलें। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता और जन सहयोग ही खरसिया को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने का असली रास्ता है।

शपथ और संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों, SHG दीदियों और नगर पालिका कर्मचारियों ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। उन्होंने इस अभियान को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस तरह के सामूहिक संकल्प किसी भी नागरिक कार्यक्रम को औपचारिकता से आगे ले जाकर सामाजिक दायित्व की भावना जगाते हैं।
खरसिया का यह आयोजन महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था – यह उस बड़े सवाल का जवाब खोजने की कोशिश है कि शहरों को साफ रखने की जिम्मेदारी किसकी है। जब नगर पालिका, महिला समूह और आम नागरिक एक मंच पर मिलकर संकल्प लेते हैं, तो योजनाएँ महज कागजों से बाहर निकलकर सड़कों और गलियों तक पहुँचती हैं। 56 मोहल्ला समितियों का गठन इस बात का संकेत है कि खरसिया केवल रैंकिंग नहीं, वास्तविक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।





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