खरसिया(पब्लिक फोरम) । लखीराम अग्रवाल जिन्हे लखी भइया तथा युवाओं ने काका जी नाम दिया, इनका जन्म 13 फरवरी 1932 को छत्तीसगढ़ के खरसिया नगर में प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री मंशाराम अग्रवाल के सुपुत्र के रुप में हुआ, इनकी माताश्री का नाम श्रीमती रुकमणि देवी था। आज इस महान विभूति लखीराम अग्रवाल की जयंती पर इनके द्वारा किये महान कार्यों और इन्हें याद कर इन्हें नमन किया। इस अवसर पर स्थानीय लखीराम चौक में बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं, कार्यकताओं की उपस्थिति रही। समस्त कार्यकताओं द्वारा आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर स्व: लखीराम को याद कर भंडारे का आयोजन किया गया ।
विदित है कि प्रदेश में अपनी ओजस्वीवाणी के कारण लोकप्रिय रहने के साथ छत्तीसगढ़ के कोने कोने से इनका गहरा नाता रहा। नगर पालिका, विधानसभा, लोकसभा की चुनावी नब्ज टटोलने में इन्हें महारत हासिल थी काका जी सदैव जमीनी हकीकत और कार्यकर्ता की इच्छा के आधार पर निर्णय लेने वाले नेता रहे। सन् 1988 के एतिहासिक खरसिया उपचुनाव में कांग्रेस के चाणक्य कहलाने वाले तत्कालिन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह को व्यूह रचना में ऐसा बांध दिया था जिसकी चर्चा प्रदेश के कोने कोने में होने लगी थी। दिलीप सिंह जूदेव जैसे कद्दावर नेता को सामने लाकर भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं को काफी प्रभावित किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सहित 12 वर्षों तक निश्कलंक राज्ससभा सदस्य के रुप में अपनी छाप छोड़ी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के औचित्य को सिद्ध करने एवं पिछड़े आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं का निराकरण हेतु अनेक सांसदों को साथ लेकर संसद में आवाज उठाई। गिरधर गुप्ता, गोपाल शर्मा, दीनदयाल अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, विनोद कबुलपुरिया, पालु गोंटिया, जगदीश अग्रवाल, बंटी सोनी, विजय शर्मा,आनंद अग्रवाल, ऋषभ अग्रवाल, अरुण चौधरी, हनुमान अग्रवाल, उमाशंकर शर्मा, बंटी रावलानी, आलोक कबुलपुरिया आदि भाजपाइयों द्वारा स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल की जयंती पर याद कर नमन किया।
पितृ पुरुष लखीराम अग्रवाल की जयंती पर शामिल हुए भाजपाई, लगाया भंडारा
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