कोरबा (पब्लिक फोरम)। जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध खेती और फसल विक्रय की कोशिशों पर सख्ती दिखाते हुए बेहरचुआं गांव में बड़ी कार्यवाही की है। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में धान उपार्जन केंद्रों पर अवैध धान की आवक पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का यह प्रयास किसानों के अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल है।
क्या है मामला?
बेहरचुआं के करतला तहसील स्थित खसरा नंबर 1392/16 पर 4.573 हेक्टेयर जमीन में से लगभग 2.835 हेक्टेयर (7 एकड़) सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी। अतिक्रमणकारी उम्मेद सिंह और खूंटाकूड़ा निवासी उमर सिंह ने इस जमीन पर धान की फसल तैयार की थी।
राजस्व विभाग ने सरकारी जमीन पर तैयार की गई 135 बोरी धान और खेत में कटाई की गई पूरी फसल जब्त कर ली। यह कार्यवाही इस उद्देश्य से की गई ताकि यह धान समिति में पंजीकृत किसानों के नाम से बेचा न जा सके। साथ ही, असली पंजीकृत किसानों को अपनी उपज का सही दाम और अधिकार मिल सके।

प्रशासन की सख्ती और किसानों के हित
जिले में धान उपार्जन केंद्रों पर अवैध धान की आवक रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समितियों में आने वाले धान की कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि अवैध तरीके से सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग न हो।
कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार, ऐसी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती करना और उससे मुनाफा कमाने की कोशिश किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई में यह सुनिश्चित किया गया कि असली किसान, जो अपनी जमीन पर मेहनत करते हैं, उनके अधिकार सुरक्षित रहें। प्रशासन ने यह कदम न केवल सरकारी जमीन बचाने के लिए उठाया है, बल्कि किसानों के हक को प्राथमिकता देने के लिए भी।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और फसल विक्रय पर रोक लगाने का यह कदम प्रशासन की संवेदनशीलता और न्यायप्रियता का परिचायक है। ऐसी सख्त कार्रवाइयों से न केवल अतिक्रमण पर रोक लगेगी, बल्कि किसानों में भी यह संदेश जाएगा कि उनके अधिकार सुरक्षित हैं।