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शुक्रवार, जनवरी 23, 2026
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शिक्षक बनने का अर्थ है समाज का पथ प्रदर्शक बनना: डॉ प्रशांत बोपापुरकर

कोरबा (पब्लिक फोरम)। कमला नेहरू महाविद्यालय कोरबा में शुक्रवार को डीएलएड द्वितीय वर्ष के दस दिवसीय संपर्क कक्षा सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्राचार्य डॉ प्रशांत बोपापुरकर ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षक के दायित्व और गरिमा पर विशेष बल दिया।

डॉ बोपापुरकर ने कहा, “आप यहां से एक अच्छे शिक्षक बनकर निकलें। शिक्षक समाज का पथ प्रदर्शक होता है, इसलिए अपनी समस्याओं को सजगता के साथ सामने रखना सीखें।” उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से अपील करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में जिले की सबसे पुरानी संस्था कमला नेहरू महाविद्यालय की गरिमा उनके व्यक्तित्व में झलकनी चाहिए।

प्राचार्य ने आगे कहा, “आप सभी शिक्षा जगत में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए अपना व्यक्तित्व खुला, सहज और सरल रखें, ताकि विद्यार्थी आपसे खुलकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कर सकें।” उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए सुलभ और मित्रवत बने रहने का संदेश दिया।

इस अवसर पर डीएलएड प्रभारी एवं शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ भारती कुलदीप ने प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “आपके कंधों पर हमारा भविष्य है। आपने यहां जो ज्ञान अर्जित किया है, उसका सदुपयोग समाज को सुशिक्षित करने के लिए करें।” उन्होंने शिक्षकों की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है।

दस दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों को शिक्षण विधियों, कक्षा प्रबंधन, बाल मनोविज्ञान और समकालीन शैक्षिक चुनौतियों से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन समारोह में संकाय सदस्यों और प्रशिक्षार्थियों की उपस्थिति रही।

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