पीएम मोदी का सख्त निर्देश- ‘हमें टीम इंडिया की तरह एकजुट होकर काम करना है।’
देशवासियों को बड़ी राहत: मौजूदा संकट के कारण देश में नहीं लगेगा कोई लॉकडाउन।
नई दिल्ली (पब्लिक फोरम)। दुनिया की निगाहें इस वक्त मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में सुलगते युद्ध और उसके खौफनाक नतीजों पर टिकी हैं। इस वैश्विक संकट की आंच से भारत को महफूज रखने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी कमर कस ली है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बेहद अहम वर्चुअल बैठक की। करीब दो घंटे तक चले इस महामंथन का एक ही लक्ष्य था- युद्ध के इस भयावह दौर में भी आम भारतीय की जिंदगी बेपटरी न हो और देश का पहिया बिना रुके चलता रहे।
तेल आपूर्ति पर मंडराता संकट और सरकार की तैयारी
पश्चिम एशिया में लगातार गहराते तनाव और दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने के खतरे ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इसी नाजुक स्थिति को भांपते हुए यह विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल का असर देश के भीतर पेट्रोल, डीजल और रोजमर्रा के जरूरी सामानों की सप्लाई चेन पर बिल्कुल न पड़े। सरकार का स्पष्ट और कड़ा रुख है कि इस वैश्विक भूचाल का आर्थिक बोझ आम जनता के कंधों पर किसी भी कीमत पर नहीं आना चाहिए।
‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने का आह्वान
इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के संघीय ढांचे की ताकत और एकजुटता पर जोर दिया। मुख्यमंत्रियों को सीधा और स्पष्ट संदेश देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि राष्ट्रनीति का है। उन्होंने सभी राज्यों से अपील की कि इस संकट से मजबूती से निपटने के लिए हम सभी को ‘टीम इंडिया’ की तरह एक मंच पर आकर काम करना होगा।
अफवाहों पर विराम: देश में नहीं लगेगा कोई लॉकडाउन
युद्ध और आपूर्ति संकट की खबरों के बीच अक्सर बाजार में पैनिक (दहशत) फैलने का डर रहता है। इस डर को जड़ से खत्म करने के लिए पीएम मोदी ने एक बेहद अहम और राहत भरी बात कही। उच्च-स्तरीय सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने मीटिंग में यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात चाहे जो भी हों, देश में किसी भी प्रकार का ‘लॉकडाउन’ नहीं लगाया जाएगा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की यह बैठक सिर्फ एक प्रशासनिक कदम नहीं है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों को यह भरोसा दिलाने की एक मजबूत पहल है कि सरकार हर परिस्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है। भारत ने यह साफ कर दिया है कि दुनिया में भले ही कितनी भी अनिश्चितता क्यों न हो, देश अपने नागरिकों की बुनियादी जरूरतों और अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।





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