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अमरकंटक शैक्षणिक भ्रमण: प्रकृति की गोद में 92 हजार पुस्तकों का भव्य ग्रंथालय देख रोमांचित हुए कमला नेहरू कॉलेज के विद्यार्थी

कोरबा (पब्लिक फोरम)। ज्ञान और प्रकृति का अद्भुत संगम तब देखने को मिला जब कमला नेहरू महाविद्यालय, कोरबा के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के छात्र-छात्राओं ने अमरकंटक का शैक्षणिक भ्रमण किया। दो दिवसीय इस अध्ययन यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने जहां एक ओर हरे-भरे वनों, स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से महसूस किया, वहीं दूसरी ओर इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी की केंद्रीय लाइब्रेरी में संरक्षित लगभग 92 हजार पुस्तकों के विशाल संग्रह को देखकर वे उत्साह और जिज्ञासा से भर उठे।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर के मार्गदर्शन में 6 और 7 मार्च को आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकालय विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के सहायक प्राध्यापक रामकुमार श्रीवास के नेतृत्व में बी.लिब. एवं एम.लिब. एंड आईएससी के छात्र-छात्राओं का यह दल अमरकंटक पहुंचा, जहां उन्होंने अध्ययन के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति के विविध आयामों को भी नजदीक से देखा।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सबसे पहले अमरकंटक स्थित श्री ज्वालेश्वर धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों और शक्ति पीठों के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने सोन नदी के उद्गम स्थल, माई की बगिया, भव्य जैन मंदिर, कपिल धारा और दूध धारा जैसे प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थलों का अवलोकन किया। मां नर्मदा के पवित्र उद्गम स्थल के आसपास फैली मनोहारी वादियों और शांत वातावरण ने विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया। प्रकृति के बीच बिताए गए इन क्षणों ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझने का अवसर भी दिया।

इस शैक्षणिक यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी, अमरकंटक का भ्रमण रहा। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित प्रो. रामदयाल मुंडा सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन विद्यार्थियों के लिए विशेष अनुभव साबित हुआ। यहां लाइब्रेरी में कार्यरत सेल्फ प्रोफेशनल असिस्टेंट योगेश कुमार से मुलाकात कर विद्यार्थियों ने पुस्तकालय संचालन की कार्यप्रणाली, वर्गीकरण प्रणाली, डिजिटल सेवाओं तथा शोध सामग्री के प्रबंधन से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

प्रो. रामदयाल मुंडा सेंट्रल लाइब्रेरी में उपलब्ध लगभग 92 हजार पुस्तकों, पत्र-पत्रिकाओं और शोध जर्नलों के विशाल संग्रह ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। पुस्तकालय के विभिन्न विभागों का अवलोकन करते हुए उन्होंने पुस्तकों के संकलन, संरक्षण और शोध कार्यों में उनकी उपयोगिता को प्रत्यक्ष रूप से समझा। यह अनुभव उनके लिए पुस्तकालय विज्ञान की पढ़ाई को व्यवहारिक रूप में समझने का महत्वपूर्ण अवसर बना।

विद्यार्थियों का कहना था कि इस शैक्षणिक भ्रमण ने उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक कार्यप्रणाली से भी परिचित कराया। प्राकृतिक वातावरण में स्थित इतने बड़े और सुव्यवस्थित ग्रंथालय को देखकर उन्हें न केवल प्रेरणा मिली, बल्कि अपने भविष्य के पेशे के प्रति नई दृष्टि भी प्राप्त हुई।

इस अध्ययन यात्रा में सुरेंद्र कुर्रे, ओकेश्वर, देवेंद्र, राजेंद्र, संध्या कश्यप, नेहा जगत, आराधना, दुर्गेश्वरी, निकिता, कविता और साबी सहित कई छात्र-छात्राएं शामिल रहे। सभी ने इस भ्रमण को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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