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बुधवार, फ़रवरी 4, 2026
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किफायती जन आवास नियम-2025: कृषि भूमि पर अब वैध कॉलोनी विकास संभव; छोटे भू-स्वामियों को मिलेगा बड़ा अवसर

कोरबा (पब्लिक फोरम)। राज्य सरकार के किफायती जन आवास नियम-2025 ने आम नागरिकों और छोटे भू-स्वामियों के लिए नई उम्मीद जगाई है। इस नियमावली के तहत अब कृषि भूमि पर भी विधिवत आवासीय कॉलोनी विकसित की जा सकेगी। यह कदम न केवल अवैध प्लॉटिंग पर लगाम कसेगा, बल्कि निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और किफायती आवास की सुविधा भी सुनिश्चित करेगा।

नई नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पहली बार छोटे भू-स्वामियों को योजनाबद्ध ढंग से कॉलोनी विकसित करने का अवसर मिला है। न्यूनतम 2 एकड़ और अधिकतम 10 एकड़ भूमि की सीमा तय की गई है। इससे कम भूमि वाले किसान और भू-स्वामी भी बिना बड़े निवेश के कॉलोनी विकास में भागीदार बन सकेंगे। यदि प्रस्तावित योजना निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप स्वीकृत हो जाती है, तो कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन स्वतः आवासीय श्रेणी में मान्य माना जाएगा।

किफायती जन आवास की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है। भूखंड का अधिकतम क्षेत्रफल 150 वर्गमीटर और फ्लैट या प्रकोष्ठ इकाई का अधिकतम आकार 90 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। इन मानकों से आवास की कीमतें नियंत्रित रहेंगी। साथ ही, खरीदारों को नगर एवं ग्राम निवेश तथा रेरा द्वारा स्वीकृत कॉलोनियों में सुरक्षित निवेश का भरोसा मिलेगा।

कॉलोनी विकास से जुड़े मानकों में भी महत्वपूर्ण शिथिलता प्रदान की गई है। पहुंच मार्ग और आंतरिक सड़कों की चौड़ाई संबंधी पूर्व निर्धारित नियमों में ढील दी गई है। इससे छोटे स्तर पर भी योजनाबद्ध कॉलोनी विकसित करना आसान हो गया है। प्रत्येक जन आवास कॉलोनी में सामुदायिक खुला स्थान, आवश्यक सुविधाएं, कम्युनिटी हॉल, क्लब हाउस और सीमित व्यवसायिक क्षेत्र आरक्षित रखने का प्रावधान है। इससे निवासियों को सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी।

कॉलोनी विकास के लिए आवेदन प्रक्रिया भी सरल बनाई गई है। एकल आवेदक के साथ-साथ अब संयुक्त या अनुबंध आधारित आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। इससे बिल्डर्स और भूमि स्वामियों के लिए नए निवेश अवसर खुलेंगे। यह व्यवस्था केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे भूखंडों पर नियोजित और सुरक्षित कॉलोनी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

नई नीति के लागू होने से राज्य में आवास विकास के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी। अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी रोक लगेगी और आम नागरिकों को किफायती तथा व्यवस्थित कॉलोनियों में आवास प्राप्त करने का अवसर सुलभ होगा। यह नियम छोटे भू-स्वामियों और मध्यम वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

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