रायगढ़(पब्लिक फोरम) । 29 अक्टूबर 2026/ श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा शैक्षणिक प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं-12वीं से लेकर स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक शिक्षा तक निर्धारित मापदंडों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना का उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
अलग-अलग शैक्षणिक स्तर पर मिलेगी सहायता राशि
योजना के तहत मंडल में पंजीकृत पात्र असंगठित कर्मकारों के प्रथम दो बच्चों को निर्धारित पात्रता के अनुसार एकमुश्त सहायता राशि दी जाएगी। कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को 5,000 से 5,500 रुपये, स्नातक स्तर पर 7,000 से 7,500 रुपये, स्नातकोत्तर स्तर पर 10,000 से 10,500 रुपये तथा व्यावसायिक एवं प्रोफेशनल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 12,000 से 12,500 रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इस योजना का लाभ एक शैक्षणिक वर्ष में एक बार दिया जाएगा।
टॉप-10 में स्थान बनाने पर एक लाख रुपये
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं अथवा 12वीं की परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, दुपहिया वाहन क्रय के लिए भी एक लाख रुपये की सहायता का उल्लेख है। इन विशेष लाभों के लिए निर्धारित पात्रता एवं दस्तावेज संबंधी शर्तों का पालन करना होगा।
पंजीयन और नियमित अध्ययन जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन की तिथि से कम से कम 90 दिन पहले संबंधित मंडल में पंजीयन होना आवश्यक है। विद्यार्थी को उत्तीर्ण कक्षा के बाद अगले शैक्षणिक सत्र में अध्ययनरत होना चाहिए। हालांकि, स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की अंतिम कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए इस शर्त में छूट का प्रावधान है। पात्र विद्यार्थी विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा चॉइस सेंटर, श्रमेव जयते मोबाइल ऐप अथवा श्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन के साथ संबंधित कक्षा की अंकसूची, वर्तमान कक्षा में अध्ययनरत होने का प्रमाण, निर्धारित प्रारूप में आय प्रमाण पत्र और आवश्यक स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। टॉप-10 में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाण पत्र सहित नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज देने होंगे।
जांच के बाद बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
प्राप्त आवेदनों की जांच संबंधित जिले के सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी अथवा सहायक श्रम पदाधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। आवेदन पात्र पाए जाने और स्वीकृति मिलने के बाद सहायता राशि हितग्राही के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। जिला श्रम अधिकारी ने पात्र श्रमिक परिवारों से योजना की शर्तों का अवलोकन कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने कहा है, ताकि उनके बच्चों को शिक्षा जारी रखने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहयोग मिल सके।
श्रमिकों के मेधावी बच्चों को पढ़ाई के लिए 12,500 रुपये की सहायता राशि, टॉप-10 में आने पर मिलेंगे एक लाख रुपए श्रम विभाग की शैक्षणिक प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को ऑनलाइन करना होगा आवेदन
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