कोरबा (पब्लिक फोरम)। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने के साथ पात्र नागरिकों को इसमें शामिल करने और मौजूदा प्रविष्टियों में आवश्यक सुधार करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्गठन 2 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी। इस सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निराकरण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को मिलेगा अवसर
इस पुनरीक्षण कार्यक्रम में उन नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का पंजीकरण भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2027 में 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को पात्रता प्राप्त करने वाले नागरिक भी अग्रिम आवेदन जमा कर सकेंगे।
इस व्यवस्था से उन युवाओं को भी पंजीकरण की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो आगामी महीनों में 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे। इससे मतदाता सूची में पात्र नागरिकों को समय पर शामिल करने में मदद मिल सकती है।
नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए अलग-अलग प्रपत्र
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, पहले से दर्ज जानकारी में सुधार करने या किसी अपात्र प्रविष्टि के संबंध में आपत्ति दर्ज कराने के लिए अलग-अलग प्रपत्र निर्धारित किए गए हैं।
🔹प्रपत्र-6: मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने के लिए।
🔹प्रपत्र-7: किसी नाम को हटाने या मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टि के संबंध में आपत्ति दर्ज कराने के लिए।
🔹प्रपत्र-8: नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन, निवास स्थानांतरण तथा दिव्यांगता संबंधी चिह्नांकन के लिए।
प्रवासी भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए निर्धारित प्रपत्र-6 का अलग प्रावधान लागू होता है। आवेदन करते समय नागरिकों को अपनी श्रेणी के अनुसार सही प्रपत्र का उपयोग करना चाहिए।
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
मतदाता पंजीकरण और विवरण में संशोधन के लिए नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल [voters.eci.gov.in](https://voters.eci.gov.in/?utm_source=chatgpt.com) या ECINET मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं।
ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से पात्र नागरिक नया नाम जुड़वाने, मतदाता सूची में दर्ज जानकारी ठीक कराने और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे निर्वाचन कार्यालयों तक बार-बार जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
हालांकि, आवेदन जमा करना ही पर्याप्त नहीं है। नागरिकों को अपने आवेदन की स्थिति और दावे के निराकरण की जानकारी भी लेते रहना चाहिए।
मतदान केंद्रों की संख्या और दूरी पर विशेष ध्यान
पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्गठन की व्यवस्था भी की गई है। निर्धारित मानकों के अनुसार, प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक नहीं रखी जाएगी। मतदान केंद्र मतदाताओं के निवास से दो किलोमीटर के दायरे में तथा भूतल पर स्थित होना चाहिए।
इन प्रावधानों का उद्देश्य मतदान केंद्रों तक पहुंच आसान बनाना और मतदान के दौरान मतदाताओं को होने वाली असुविधा कम करना है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मतदान केंद्र की उचित दूरी महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ नागरिकों और कमजोर वर्गों के लिए सहायता व्यवस्था
निर्वाचन आयोग के इस अभियान में समावेशी पंजीकरण पर भी जोर दिया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, महिलाओं, बेघर नागरिकों और कमजोर वर्गों के पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने तथा जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित करने की व्यवस्था बताई गई है।
ऐसे नागरिकों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाना जरूरी है, जिन्हें दस्तावेजों, ऑनलाइन आवेदन या निर्वाचन कार्यालय तक पहुंचने में कठिनाई होती है। विशेष शिविर और सहायता केंद्र प्रभावी ढंग से संचालित होने पर ऐसे पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने में मदद मिल सकती है।
प्रारूप मतदाता सूची की जांच करना जरूरी
निर्वाचन कार्यक्रम के तहत नागरिकों से अपील की गई है कि वे 12 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण अवश्य जांचें।
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है, तो वह प्रपत्र-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए दावा प्रस्तुत कर सकता है। यदि सूची में किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज होने पर आपत्ति है या नाम हटाने का अनुरोध करना है, तो प्रपत्र-7 का उपयोग किया जा सकता है। वहीं, नाम, पता अथवा अन्य विवरण में सुधार के लिए प्रपत्र-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2026 है। इसलिए नागरिकों को अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय निर्धारित अवधि में ही अपनी प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
निर्वाचन अधिकारियों के निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान
मतदाता पंजीकरण से संबंधित मामलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असंतुष्ट नागरिकों के लिए अपील की व्यवस्था भी है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, ईआरओ के निर्णय के विरुद्ध जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पहली अपील और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के समक्ष दूसरी अपील की जा सकती है। अपील निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार प्रस्तुत करनी होगी।
ई-ईपीआईसी डाउनलोड करने और बीएलओ से संपर्क की सुविधा
मतदाता पंजीकरण के बाद नागरिक ECINET ऐप के माध्यम से अपना इलेक्ट्रॉनिक मतदाता फोटो पहचान पत्र (ई-ईपीआईसी) डाउनलोड कर सकते हैं। पहले से पंजीकृत मतदाता भी उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करके अपना ई-ईपीआईसी प्राप्त कर सकते हैं।
दी गई जानकारी के अनुसार, पंजीकरण के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से लिंक भेजा जाता है। मतदाता पहचान पत्र की भौतिक प्रति स्पीड पोस्ट या बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के माध्यम से पहुंचाने की भी व्यवस्था है।
ECINET ऐप में बीएलओ से संपर्क करने के लिए कॉल अनुरोध भेजने की सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है। इससे मतदाता पंजीकरण, आवेदन और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहायता मिल सकती है।
सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950
निर्वाचन आयोग ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के दौरान अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए आवेदन करें। मतदाता पंजीकरण और निर्वाचन संबंधी जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।
नागरिक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट [ceochhattisgarh.nic.in](https://ceochhattisgarh.nic.in/?utm_source=chatgpt.com) तथा उनके आधिकारिक सामाजिक माध्यम खातों से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मतदाता सूची में नाम होना लोकतांत्रिक भागीदारी की पहली शर्त
मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण केवल नाम जोड़ने या हटाने की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है। यह सुनिश्चित करने का अवसर भी है कि कोई पात्र नागरिक केवल जानकारी के अभाव, दस्तावेजी कठिनाई या पंजीकरण में हुई चूक के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।
इस प्रक्रिया की सफलता निर्वाचन अधिकारियों की सक्रियता के साथ नागरिकों की जागरूकता पर भी निर्भर करेगी। इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक को प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचना चाहिए तथा किसी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक आवेदन करना चाहिए। लोकतंत्र में मतदान की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना अनिवार्य है।
(नोट: समाचार में दी गई तिथियां और प्रपत्र संबंधी विवरण उपलब्ध प्रेस नोट के आधार पर रखे गए हैं। प्रकाशन से पहले निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना से कार्यक्रम की तिथियों, मतदान केंद्रों के मानकों, अपील की प्रक्रिया और ई-ईपीआईसी संबंधी निर्देशों का मिलान कर लेना उचित होगा।)








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