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रामचरितमानस के सुरों से गूंजा पतरापाली: 20 गांवों ने निभाई सहभागिता

कोरबा। (पब्लिक फोरम)। विद्या भारती छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में वनांचल शिक्षा सेवा न्यास छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित सरस्वती शिक्षा केंद्रों की कार्ययोजना के तहत करतला संकुल के ग्राम पतरापाली में मानस गान प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में संकुल के 20 गांवों से मानस प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान रामचरितमानस के भजनों और प्रसंगों की प्रस्तुतियों के बीच ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। समापन पर प्रतिभागियों, विजेताओं और सहयोगियों को सम्मानित किया गया।

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20 गांवों के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिक्षा केंद्रों की वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार किया गया। करतला संकुल के अंतर्गत आने वाले 20 गांवों से प्रतिभागी पतरापाली पहुंचे और मानस गान प्रस्तुत किया।

आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रामचरितमानस के प्रसंगों के माध्यम से सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों से जुड़ाव को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।

उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद रहे अतिथि
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर समाजसेवी कोरबा सुधीर चोपड़ा, प्रांतीय सचिव चंद्र किशोर श्रीवास्तव, विभाग प्रमुख कीर्ति अग्रवाल, प्रांत प्रमुख नरेश जायसवाल, सरपंच प्रतिनिधि अंतराम राठिया, संयोजक ननकी राम राठिया और बीपी भट्ट गुरुजी सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस दौरान वक्ताओं ने जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के महत्व पर बात रखी। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों और ग्रामीणों को रामचरितमानस के प्रसंगों से परिचित होने तथा पारिवारिक एवं सामाजिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है।

प्रतिभागियों को पुस्तक, गमछा और सांत्वना पुरस्कार
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को रामचरितमानस की पुस्तक, मां सिद्धिदात्री की तस्वीर, गमछा और 350 रुपये का सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों को भी शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में समाजसेवी सुरेश झा, मिथिलेश पांडे और रामेश्वर राठिया उपस्थित रहे। उनके हाथों प्रतिभागियों और विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए।

आयोजन में आचार्यों और ग्रामीणों की भूमिका
प्रतियोगिता को सफल बनाने में जिला समन्वयक भारत लाल राठिया, करतला संकुल समन्वयक नेतराम प्रजापति, कुदमुरा संकुल समन्वयक अबीर सिंह राठिया, 20 गांवों के आचार्यों तथा पतरापाली की आचार्य जय असंती राठिया और संयोजक ननकी राम राठिया का योगदान रहा।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। ग्रामवासियों ने मिलकर भोजन-प्रसाद, माइक और टेंट की व्यवस्था में सहभागिता निभाई।

स्थानीय लोगों और व्यवसायियों ने भी दिया सहयोग
कार्यक्रम के आयोजन में स्थानीय स्तर पर आर्थिक और सामग्री संबंधी सहयोग भी मिला। कोरबा के व्यवसायी मनीष मोदी और अमित अग्रवाल ने गमछा, सहयोग राशि तथा शॉल-श्रीफल की व्यवस्था में योगदान दिया। वहीं मुकेश अग्रवाल की ओर से बच्चों के लिए गणवेश उपलब्ध कराया गया।
आयोजकों के मुताबिक ग्रामीणों, आचार्यों और स्थानीय सहयोगियों की सामूहिक भागीदारी से कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में मदद मिली।
मानस गान प्रतियोगिता केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें विभिन्न गांवों के लोगों को एक साथ आने और सामूहिक रूप से कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिला। ऐसे आयोजनों का प्रभाव स्थानीय सामाजिक जीवन पर भी पड़ता है, हालांकि इसके व्यापक सामाजिक परिणामों का आकलन अलग-अलग स्तर पर किया जाना जरूरी है।

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