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सड़क हादसों पर लगेगी लगाम आपकी सुरक्षा के लिए कलेक्टर और एसपी ने उठाए सख्त कदम

कोरबा (पब्लिक फोरम)| हम सभी चाहते हैं कि जब हमारे अपने घर से बाहर निकलें तो सुरक्षित वापस लौटें। हर एक जान कीमती है और इसी भावना को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बना लिया है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और जिले में एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था लागू करने के इरादे से हाल ही में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू पर बहुत ही बारीकी से चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केवल कागजी खानापूर्ति नहीं था बल्कि धरातल पर ऐसे काम करना था जिससे लोगों की जान बचाई जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देबेन्द्र पटेल व ओंकार यादव, जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एसईसीएल और बालको जैसे विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पुरानी योजनाओं और निर्देशों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी अधिकारी के स्तर पर कोई कोताही पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में जहां भी दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं जिन्हें हम ब्लैक स्पॉट कहते हैं वहां तुरंत सुधार कार्य किए जाएं। उन्होंने सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों को साफ करने, अतिक्रमण हटाने, टूटी सड़कों की मरम्मत करने और जरूरी जगहों पर रेडियम वाले चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर जहां तीखे मोड़ हैं वहां रंबल स्ट्रिप और क्रैश बैरियर लगाकर सफर को सुरक्षित बनाने के लिए कहा गया है। प्रशासन के सख्त रवैये का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिस्दा ब्रिज की मरम्मत का प्रस्ताव समय पर न देने के कारण लोक निर्माण विभाग के एसडीओ को नोटिस जारी कर दिया गया है।

यातायात को सुगम बनाने के लिए भी कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बालको ऐश डेक रोड और रिस्दी ब्रिज से बजरंग चौक मार्ग पर सड़क मरम्मत के दौरान लोगों को परेशानी न हो इसके लिए ट्रैफिक डायवर्ट करने हेतु एक कमेटी बनाई गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों विशेषकर बिलासपुर-अंबिकापुर और कोरबा-कटघोरा मार्ग पर ढाबों और रेस्टोरेंट के आस-पास भारी वाहनों के अवैध रूप से खड़े होने और अतिक्रमण पर भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सड़क सुरक्षा को लेकर अपना सख्त रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना एक गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे सभी स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नाबालिग छात्र स्कूल आने के लिए दोपहिया वाहन का इस्तेमाल न करे।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी साफ कर दिया है कि जो लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं, तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं, बिना हेलमेट या तीन सवारी बैठाकर चलते हैं उनके खिलाफ पुलिस अब विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करेगी। नो-पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने वालों और बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। नियमों की सख्ती के साथ-साथ जागरूकता भी बहुत जरूरी है। इसलिए यह भी तय किया गया है कि परिवहन और यातायात विभाग के साथ मिलकर हर हफ्ते स्कूलों और कॉलेजों में हेलमेट रैली, निबंध प्रतियोगिता, क्विज और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सके। प्रशासन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है लेकिन एक सुरक्षित समाज का निर्माण हम सबके सहयोग से ही संभव है।

सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। क्या आपको लगता है कि प्रशासन के इन सख्त कदमों से हमारे जिले में सड़क हादसों में कमी आएगी। क्या आपके पास यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कोई सुझाव है। हम इस विषय पर आपके विचार जानना चाहते हैं। कृपया अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार हमें ईमेल आईडी 750publicforum@gmail.com के माध्यम से जरूर भेजें। सुरक्षित चलें और अपनों का ख्याल रखें।

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