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बालको रिंग रोड दुर्घटना: ट्रेलर के नीचे कुचलने से ड्राइवर की मौके पर मौत

कोरबा (पब्लिक फोरम)। बालको नगर  क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे एक हृदयविदारक औद्योगिक हादसा हुआ। मानिकपुर खदान से कोयला लेकर बालको प्लांट जा रहे ट्रेलर चालक संतोष कुमार खैरवार (47) की अपने ही वाहन के पहियों के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना नया रिसदा रिंग रोड पर शर्मा पेट्रोल पंप के पास उस समय हुई, जब वह अचानक आगे बढ़ रहे ट्रेलर को रोकने का प्रयास कर रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर को ट्रेलर (भारी मालवाहक वाहन) क्रमांक CG 12 AW 2243 मानिकपुर खदान से कोयला लोड करके बालको प्लांट की ओर रवाना हुआ था। रिंग रोड स्थित शर्मा पेट्रोल पंप के समीप चालक संतोष कुमार खैरवार (पिता: बहरता खैरवार) ने अपनी गाड़ी खड़ी की और किसी काम से नीचे उतरे। इसी बीच, ढलान या तकनीकी खराबी के कारण भारी-भरकम ट्रेलर अचानक आगे की ओर लुढ़कने लगा।
अपने जीवन की गाढ़ी कमाई और रोजगार के साधन को अनियंत्रित होकर आगे बढ़ता देख 47 वर्षीय संतोष उसे रोकने के लिए पीछे दौड़े। लेकिन बदकिस्मती से इस कोशिश में उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने के कारण वे सीधे ट्रेलर के भारी-भरकम पहियों की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि पहियों के नीचे कुचलने से चालक की मौके पर ही जान चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही बालको नगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग (प्रारंभिक जांच रिपोर्ट) कायम किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

औद्योगिक सुरक्षा और बुनियादी चुनौतियां
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कोरबा के औद्योगिक गलियारों में काम करने वाले चालकों की सुरक्षा और वाहनों के मेंटेनेंस (रखरखाव) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय श्रमिक संगठन “ऐक्टू” और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना के बाद भारी वाहनों की सुरक्षा प्रणाली को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
कोयला परिवहन और औद्योगिक क्षेत्रों में निम्नलिखित मुख्य कमियां अक्सर देखने को मिलती हैं:
🔹 वाहनों की फिटनेस: भारी मालवाहक वाहनों में हैंड-ब्रेक या मैकेनिकल लॉक की नियमित जांच का अभाव।
🔹काम का अत्यधिक दबाव: चालकों पर समय पर कोयला पहुंचाने का भारी मानसिक और समयबद्ध दबाव होता है।
🔹सुरक्षित पार्किंग का अभाव: रिंग रोड और प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के लिए सुरक्षित आपातकालीन स्टॉपेज की व्यवस्था न होना।

मृतक संतोष कुमार खैरवार श्रमिक वर्ग से आते थे और अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके असमय निधन से उनके परिवार के सामने भरण-पोषण और भविष्य का अंधकार छा गया है।
अल्युमिनियम कामगार संघ “ऐक्टू” ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा:
“यह केवल एक सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा है। भारी वाहनों के चालकों को लंबी शिफ्टों में काम करना पड़ता है, जिससे थकान के कारण भी ऐसी परिस्थितियां बनती हैं। प्रबंधन और ठेकेदारों को वाहनों की फिटनेस और चालकों के कामकाजी घंटों को लेकर जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।”

इस दुखद घटना से सबक लेते हुए प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधन को मृतक के पीड़ित परिवार को तत्काल उचित मुआवजा और सहायता राशि प्रदान करनी चाहिए। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए औद्योगिक वाहनों की कड़ी फिटनेस जांच अनिवार्य की जानी चाहिए। जब तक जमीनी स्तर पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक औद्योगिक विकास के दावे अधूरे ही रहेंगे।

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