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सुशासन तिहार 2026: कोरबा में 1 मई से जनसमस्या निवारण शिविर, 37 स्थानों पर मिलेगा त्वरित समाधान

कोरबा (पब्लिक फोरम)। आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के लिए कोरबा जिले में 1 मई से “सुशासन तिहार 2026” अभियान की शुरुआत होने जा रही है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिले भर में जनसमस्या निवारण शिविरों का व्यापक आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।

जिला प्रशासन ने इस अभियान के तहत कुल 37 शिविरों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया है। इन शिविरों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को क्लस्टर प्रभारी बनाया गया है, ताकि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

अभियान की शुरुआत 1 मई 2026 को जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम धनरास से होगी। इसके बाद 4 मई को करतला के कनकी, 5 मई को पोंड़ीउपरोड़ा के पिपरिया और पाली के ईरफ में शिविर आयोजित किए जाएंगे। मई महीने के दौरान जिले के विभिन्न ग्रामों में लगातार शिविर लगते रहेंगे, जिनमें 7 मई को जल्के और पहंदा, 8 मई को बसीबार, 11 मई को बैरा, और 12 मई को चोढ़ा एवं चुईया शामिल हैं।

इसी क्रम में 13 मई को गिधौरी, 14 मई को सिंघाली और केराकछार, 15 मई को सिरमीना, 16 मई को रामाकछार तथा 19 मई को लमना, नगोई और डोंगरी में शिविर आयोजित किए जाएंगे। महीने के अंतिम चरण में 20 मई से 29 मई तक विभिन्न पंचायतों में शिविर लगेंगे, जिनमें देवलापाठ, मोरगा, ढोंगदरहा, धौराभांठा, निरधी, जटगा, छिंदपुर, नवापारा और तुमान जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

यह अभियान जून माह के पहले सप्ताह तक जारी रहेगा। 1 जून को देवपहरी, 2 जून को कोटमेर और लेपरा, 3 जून को बरपाली, 4 जून को सुखरीकला और मुड़ापार तथा 5 जून को तानाखार, चिर्रा और खैरभवना में अंतिम चरण के शिविर लगाए जाएंगे।

शिविरों के सफल संचालन के लिए नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। जिला स्तर पर सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो पूरे अभियान की निगरानी और समन्वय करेंगे।

सुशासन तिहार 2026 न केवल प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का प्रयास है, बल्कि यह एक ऐसा मंच भी है जहां लोगों को उनकी समस्याओं का सीधा और त्वरित समाधान मिल सकेगा। यह पहल जिले में सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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