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9 मई को कोरबा में नेशनल लोक अदालत: विभागों के साथ हुई समन्वय बैठक, राजीनामे से मिलेगा त्वरित न्याय

कोरबा (पब्लिक फोरम)। आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के सफल संचालन को लेकर कोरबा जिला न्यायालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस कड़ी में गठित न्यायाधीशों की पेनल ने स्वास्थ्य, श्रम, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग तथा जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार जिले में इस बार नेशनल लोक अदालत का आयोजन व्यापक स्तर पर किया जाएगा। इसके तहत जिला न्यायालय कोरबा के साथ-साथ तहसील विधिक सेवा समितियां- कटघोरा, करतला और पाली- तथा समस्त राजस्व न्यायालयों में भी विशेष खंडपीठों का गठन किया जाएगा।

माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संतोष शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में स्पष्ट किया गया कि लोक अदालत की कार्यवाही इस बार भौतिक और वर्चुअल- दोनों माध्यमों से संचालित की जाएगी। इससे अधिक से अधिक पक्षकारों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण में गति आएगी।

बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से समझौते के आधार पर निपटाने की पहल करें। विशेष रूप से यह जोर दिया गया कि लोक अदालत में प्रकरणों का समाधान आपसी सहमति और राजीनामा के आधार पर किया जाएगा, जिससे पक्षकारों को त्वरित, सुलभ और कम खर्चीला न्याय मिल सके।

इसके साथ ही, पेनल द्वारा सभी विभागीय प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अधिक से अधिक हितग्राहियों और पक्षकारों को शासन की लाभकारी योजनाओं की जानकारी दें और पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार लाभ प्रदान करें। यह पहल न केवल विवादों के समाधान में सहायक होगी, बल्कि सामाजिक न्याय की अवधारणा को भी मजबूत करेगी।

नेशनल लोक अदालत को लेकर जिला प्रशासन और न्यायिक तंत्र के बीच इस प्रकार का समन्वय इस बात का संकेत है कि इस बार आयोजन को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। यदि सभी विभाग सक्रिय सहयोग दें, तो यह पहल न केवल लंबित मामलों के निपटारे में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि आम नागरिकों के न्याय के प्रति विश्वास को भी और मजबूत करेगी।

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