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छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का जंगी प्रदर्शन: DA एरियर्स समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कोरबा में CM के नाम सौंपा ज्ञापन

कोरबा में कर्मचारियों का विस्फोट – मोदी की गारंटी लेके रहिबो!

कोरबा (पब्लिक फोरम)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले बुधवार को कोरबा जिले में सैकड़ों कर्मचारी-अधिकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया। जिला संयोजक **जगदीश खरे** के नेतृत्व में यह रैली भोजनावकाश के दौरान निकाली गई, जो कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर एक शक्तिशाली आक्रोश-सभा में बदल गई।

प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

नारों से गूंज उठा कलेक्ट्रेट परिसर
“अब नई सहिबो, अब नहीं सहिबो – मोदी की गारंटी लेके रहिबो” – इन नारों की गूंज कलेक्ट्रेट परिसर में दूर तक सुनाई दी। यह नारे केवल आवाज़ नहीं थे, बल्कि वर्षों से दबी हुई उस पीड़ा की अभिव्यक्ति थे, जो सरकारी वादों और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई से जन्मी है।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें
फेडरेशन ने अपने ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखीं :—

– जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता (DA) एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में तत्काल समायोजित की जाए।
– प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान (8, 16, 24 एवं 32 वर्ष) लागू किया जाए।
– अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा बढ़ाकर 300 दिवस की जाए।
– वेतन विसंगतियों पर पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
– शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से समस्त सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
– अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू की जाए और 10% की सीमा समाप्त हो।
– पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
– नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति मिले।
– सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।

उपस्थित रहे सैकड़ों कर्मचारी-अधिकारी
प्रदर्शन में डॉ. तरुण सिंह राठौर, ओमप्रकाश बघेल, रामकपूर कुर्रे, तरुण वैष्णव, सर्वेश सोनी, मानसिंह राठिया, नित्यानंद यादव, मिथलेश वर्मा, संवित साहू, सनत राठौर, विपिन यादव, टी.आर. कुर्रे, आर.के. पाण्डेय, एस.के. द्विवेदी, अनूप कोराम, रामजी कंवर, लोक नारायण जायसवाल, जयप्रकाश झा, विनोद सांडे, कीर्ति लहरे, राधा रमण श्रीवास, पुरुषोत्तम तिवारी, मंजू शर्मा, किरण गुप्ता, अनुपा खाखा, ज्योति कंवर, अलका तिर्की, ईशा एक्का, दुर्गा सोंधिया, संतोषी सिंह, बी. किसपोट्टा, सुखीराम कश्यप, सरिता सूर्यवंशी, बिनु गिरी, दिलेराम पटेल, जय राठौर, यशपाल राठौर, देवनारायण चौकसे, रतन छेदाम, नोहर चंद्रा, राजेश तिवारी, राजेंद्र मिश्रा, दिनेश सिंह, विनय शुक्ला, उत्तरा साहू, सतीश गुप्ता, रामनारायण राजवाड़े, बाबूलाल निराला, नाथूराम खैरवार, दिलेश्वर कंवर, रामदास नागरची, नन्दलाल पैकरा, तुमेश्वर राठौर सहित सैकड़ों कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है – यदि इन मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आने वाले बड़े संघर्ष की दस्तक है।

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