रविवार, फ़रवरी 22, 2026
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कोरबा में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 8.18 लाख मतदाता, लिंगानुपात 998 – लोकतंत्र की नई इबारत

कोरबा की मतदाता सूची तैयार: 8,18,010 मतदाता, 1211 मतदान केंद्र – हर वोट की होगी गिनती

कोरबा (पब्लिक फोरम)। लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करते हुए कोरबा जिले ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर संपन्न हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद शनिवार को फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। जिला कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारी कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की प्रतियाँ भेंट की गईं।

8.18 लाख मतदाताओं का भरोसा – एक-एक नाम की हुई जाँच
अब कोरबा जिले में कुल 8,18,010 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 4,09,333 पुरुष, 4,08,664 महिलाएँ और 13 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। जो बात इस आँकड़े को विशेष रूप से उल्लेखनीय बनाती है, वह है जिले का लिंगानुपात – जो अब सुधरकर 998 हो गया है। यह संख्या न केवल महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाएँ पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।

विधानसभा क्षेत्रवार देखें तो पालीतानाखार में सर्वाधिक 2,19,510, रामपुर में 2,07,076, कोरबा में 1,95,781 और कटघोरा में 1,95,643 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

132 नए मतदान केंद्र – हर बूथ तक पहुँच आसान होगी
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पहले जिले में कुल 1,081 मतदान केंद्र थे। अब इसमें 132 नए केंद्र जोड़े गए हैं, और कुल संख्या 1,211 हो गई है। इससे दूरदराज के मतदाताओं को भी अपने मताधिकार का उपयोग करना सरल और सुगम होगा।

पारदर्शिता की कसौटी पर खरी उतरी प्रक्रिया
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को श्रेणीवार बाँटकर उनका विधिवत सत्यापन किया गया। C श्रेणी के 40,882 प्रकरणों और 2,46,684 तार्किक विसंगतियों को संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा नोटिस जारी कर, सुनवाई के बाद दुरुस्त किया गया। साथ ही, मृत्यु, स्थानांतरण और दीर्घकालिक अनुपस्थिति के कारण 1,33,741 नामों का नियमानुसार निराकरण किया गया – ताकि मतदाता सूची त्रुटिहीन, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सके।

#19,197 आवेदन – हर आवाज़ सुनी गई
23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक चली दावा-आपत्ति अवधि में जिला प्रशासन को कुल 19,197 आवेदन प्राप्त हुए। नाम जोड़ने के लिए आए 14,091 आवेदनों में से 13,445 स्वीकार किए गए। विलोपन के 315 और संशोधन के 4,187 मामलों का भी निपटारा किया गया।

बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर गणना पत्रक संकलित किए। ‘स्वीप’ कार्यक्रम के तहत जन-जागरूकता अभियान चलाया गया और जिला-तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क व कॉल सेंटर स्थापित कर मतदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया।

“कोरबा अब पूरी तरह तैयार है”
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया समावेशी और निष्पक्ष रही है और इसमें राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। उन्होंने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और कर्मचारियों को समयसीमा के भीतर यह जटिल कार्य पूरा करने पर बधाई दी और कहा -“अंतिम प्रकाशन के साथ ही जिला कोरबा आगामी हर निर्वाचन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार है।”
इस अवसर पर अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती माधुरी सोम, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सरोज महिलांगे, मनोज कुमार बंजारे, सूर्यकांत केशकर सहित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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