छत्तीसगढ़ की राजधानी में दो जून को होगा भव्य साहित्यिक समागम, देश के नामी साहित्यकार और आलोचक होंगे शामिल: “जसम” का यादगार आयोजन
रायपुर (पब्लिक फोरम)। रायपुर में साहित्य प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर आने वाला है। दो जून की शाम को शहर के वृंदावन हॉल में जन संस्कृति मंच (जसम) की रायपुर इकाई द्वारा आयोजित ‘सृजन संवाद’ कार्यक्रम साहित्य जगत का एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित होने जा रहा है। शाम छह बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में 20 से अधिक प्रतिभाशाली रचनाकार अपनी बेहतरीन कृतियों का पाठ करेंगे।
रचनाकारों का भव्य जमावड़ा
इस साहित्यिक समागम में छत्तीसगढ़ और देश के कई जाने-माने साहित्यकार भाग लेंगे। इनमें पुजाली पटले, नीलिमा मिश्रा, मधु सक्सेना, सनियारा खान, मुहम्मद मुसय्यब, दिलशाद सैफी, सुनीता शुक्ल, रूपेंद्र तिवारी, डॉ. संजू साहू पूनम, समीर दीवान, आफाक अहमद, वसु गंधर्व, मौली चक्रवर्ती, सिरिल साइमन, इमरान अब्बास, अजय शुक्ल, आलिम नकवी, सुखनवर हुसैन रायपुरी, और जावेद नदीम नागपुरी जैसे मशहूर नाम शामिल हैं।
यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा, बल्कि विभिन्न भाषाओं और शैलियों के साहित्यकारों को एक साथ लाकर एक अनूठा सांस्कृतिक संगम भी बनेगा। हिंदी, उर्दू और अन्य भाषाओं के रचनाकारों की उपस्थिति इस कार्यक्रम को और भी समृद्ध बनाएगी।
दिग्गज साहित्यकारों की मौजूदगी
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए कई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित साहित्यकार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध कथाकार जया जादवानी, कामिनी त्रिपाठी, और दीपक सिंह अपने विचार रखेंगे। सबसे खास बात यह है कि देश के नामचीन आलोचक सियाराम शर्मा भी इस अवसर पर विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव और ख्यातिलब्ध शायर रजा हैदरी संयुक्त रूप से करेंगे। वहीं, कार्यक्रम का संचालन युवा शायर मीसम हैदरी के हाथों में है, जो नई पीढ़ी के साहित्यकारों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सांस्कृतिक एकता का संदेश
‘सृजन संवाद’ केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक एकता और भाईचारे का भी संदेश देता है। विभिन्न धर्मों, जातियों और भाषाओं के रचनाकारों का एक मंच पर आना इस बात का प्रमाण है कि साहित्य सभी बंधनों से ऊपर है। यह आयोजन दिखाता है कि कैसे कलम की ताकत समाज को जोड़ने और एकजुट करने का काम करती है।
जन संस्कृति मंच का यह प्रयास न केवल स्थानीय साहित्यकारों को प्रोत्साहन देगा, बल्कि रायपुर को साहित्यिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में भी सहायक होगा।
साहित्य प्रेमियों के लिए सुनहरा अवसर
जन संस्कृति मंच के सचिव इंद्र कुमार राठौर ने इस महत्वपूर्ण आयोजन में सभी साहित्यिक और प्रबुद्धजनों से उपस्थिति का विशेष अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल रचनाकारों के लिए, बल्कि साहित्य प्रेमियों के लिए भी एक अनमोल अवसर है।
यह आयोजन उन सभी लोगों के लिए एक सुनहरा मौका है जो साहित्य से प्रेम करते हैं और नई रचनाओं को सुनना चाहते हैं। यहां आने वाले श्रोताओं को विभिन्न विधाओं की रचनाएं सुनने का मौका मिलेगा – कविता से लेकर गजल, शायरी से लेकर कहानी तक।
‘सृजन संवाद’ जैसे आयोजन समाज में साहित्य और संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज के डिजिटल युग में, जब लोग मनोरंजन के अन्य साधनों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे कार्यक्रम साहित्य की परंपरा को आगे बढ़ाने का काम करते हैं।
02 जून की शाम रायपुर के वृंदावन हॉल में होने वाला यह कार्यक्रम निश्चित रूप से शहर के सांस्कृतिक जीवन में एक नया रंग भरेगा। साहित्य प्रेमियों के लिए यह एक अविस्मरणीय शाम बनने की पूरी संभावना है।





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